Big Story!BJP Chief नितिन नवीन ने साफ कर दिया,`बतौर CM पुष्कर आलाकमान की शीर्ष पसंद:उत्तराखंड में तो धामी Model ही Best:सरकार की HatTrick के बाद फिर संभालेंगे कमान’
त्रिवेन्द्र-अनिल के शिकवे-शिकायत किए दूर तो अरविंद पांडे की भी खत्म कर दी नाराजगी

Chetan Gurung
BJP Chief नितिन नवीन पहली बार आधिकारिक दौरे पर आए और लौटने से पहले CM पुष्कर सिंह धामी की तारीफ़ों के पुल बांधने का न कोई मौका चूका न ही ये साफ करने से चूके कि न सिर्फ धामी Model ही उत्तराखंड के लिए सर्वश्रेष्ठ है बल्कि वह PM नरेंद्र मोदी और HM अमित शाह समेत समूचे आला कमान की इकलौती और शीर्ष पसंद है। विधानसभा चुनाव में सरकार की Hat Trick बनने के बाद सरकार के मुखिया की कमान फिर वही संभालेंगे। BJP अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव उनकी ही अगुवाई में लड़ेगी। उनके दौरे का ही कमाल था कि अपने सियासी कदमों से नाराज और अलग Lobby बनाते दिख रहे MP और प्रमुख क्षत्रप त्रिवेन्द्र सिंह रावत-अनिल बलूनी NN के देवभूमि पर कदम रखने से पहले हाथ मिला चुके थे और उनके जाते-जाते अपने तीखे कटाक्षों से सुर्खियां बटोर रहे गदरपुर विधायक अरविंद पांडे भी मुख्यमंत्री का गुलदस्ता मुस्कुराते हुए स्वीकार कर गए। नितिन नवीन बेशक पार्टी इतिहास के सबसे कम उम्र अध्यक्ष हैं लेकिन जो जोश और ऊर्जा वह उत्तराखंड BJP में भर गए उसको कमाल का कहा जा सकता है।


CM पुष्कर सिंह धामी (नीचे) के साथ BJP Chief नितिन नवीन (ऊपर) का आपसी झुकाव-लगाव देहरादून दौरे में कमाल का नजर आया
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मुख्यमंत्री पुष्कर के साथ उनकी Chemistry गज़ब की नजर आई। सरकार और मुख्यमंत्री की तारीफ करने का एक भी मौका वह नहीं चूके। अमित शाह जब उनकी जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तो उस वक्त के CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत के आवास पर उन्होंने कुछ संपादकों को Dinner पर आमंत्रित किया था। उसमें उन्होंने खुल के हर टेढ़े-मेढ़े सवालों के जवाब दिए थे। शर्त ये थी कि सब कुछ अनौपचारिक होगा। अखबारों में कुछ नहीं छपेगा। ऐसा ही नितिन नवीन ने किया। मधुबन होटल (नया नाम Welcome) में वह वरिष्ठ पत्रकारों से चाय पर मिले। उन्होंने भी आज के HM अमित शाह सरीखी अनौपचारिक बातचीत की पेशकश की। मसलन वह ये जानने के अधिक इच्छुक थे कि उत्तराखंड की प्रसिद्ध डिश क्या है और घूमने के लिए कहाँ जाना उचित रहेगा।
कुछ देर ये ठीकठाक रहा लेकिन फिर पत्रकारों के सवालों के रौ में हर वह जवाब उनके मुख से निकला, जो मौजूं और सियासी नजरिए से बेहद अहम था। उनके साथ CM पुष्कर,MP बलूनी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी बैठे थे। उन्होंने बेहद सहज और स्वाभाविक-मित्रवत अंदाज में जवाब दिए। इसी दौरान उन्होंने पूछने पर कहा कि कोई असम के हिमन्तो,कोई योगी और कोई गुजरात Model की तारीफ करते हैं लेकिन उत्तराखंड में पुष्कर सरकार बहुत बढ़िया और लोगों की उम्मीदों के मुताबिक काम कर रही। यहाँ के लिए धामी सरकार Model ही सर्वोत्तम है। उन्होंने देहरादून प्रवास में ही ये भी साफ कर दिया कि पुष्कर सरकार के UCC समेत कई कानून अन्य राज्य भी अपना रहे हैं। चुनाव उनके ही नेतृत्व में होंगे और वही लगातार तीसरी बार सरकार बनने के बाद फिर मुख्यमंत्री होंगे।
नितिन नवीन से पहले PM नरेंद्र मोदी-HM शाह भी अलग-अलग मौकों पर PSD की पीठ थपथपाने के साथ ही ये साफ कह चुके हैं कि चुनाव में BJP उनकी ही अगुवाई में उतरेगी। मोदी-शाह और NN को यकीन है कि पार्टी को तीसरी बार फिर सरकार में लाने का करिश्मा अगर कोई कर सकता है और नए सिरे से राजनीतिक इतिहास लिखने का तिलिस्म कोई जानता है तो वह PSD ही हैं। वह हरफनमौला और हर सियासी मर्ज का ईलाज जानते हैं। अवाम-विरोधियों के नस-नस से वाकिफ रहते हैं। रात-दिन और रोजाना अनथके काम करने की कुव्वत रखते हैं। घर के ही नहीं बाहरी विरोधियों को भी बेहद परिपक्वता के साथ संभालने का हुनर उनके पास ही दिखता है।
PSD खामोश रह के दांव चल विरोधियों और असंतुष्टों से निबटना या फिर उनको ठंडा करने के गुर को बाखूबी जानते हैं। उनके हक में ये भी जाता है कि चुनाव जीतने के मामले में उनका Success Rate बहुत शानदार है। उनको इस मामले में पारस पत्थर कहा जा सकता है। BJP की हर इच्छा पूरी करने के मामले में वह कामधेनु गाय है। BJP प्रमुख के आने से पहले त्रिवेन्द्र और अनिल को संदेश निस्संदेह आया होगा कि आपसी सौहार्द का संदेश सार्वजनिक तौर पर दिया जाए। तीनों साथ बैठ भी गए। इसमें दो राय नहीं कि तीनों एक साथ चुनावी जंग में एक साथ मोर्चा संभालते हैं तो ये बेहद घातक Combination होगा। Congress के लिए तब चुनाव लड़ने की चुनौती और दुरूह हो जाएगी। जाते-जाते नितिन नबीन एक और बड़ा काम कर गए। वह सरकार से नाराज बैठे अरविंद पांडे को भी मुख्यमंत्री के साथ फूलों की अदला-बदली के लिए मना गए।
सियासत पर पैनी नजर रखने और बारीकी से इसको समझने वालों को ये तनिक भी दिक्कत ये समझने में नहीं होगी कि नितिन नवीन का हर फैसला और कदम सिर्फ और सिर्फ CM पुष्कर की राह में जो भी बिछे हुए कांटे थे, उनको निकाल के रास्ता और सफर सहज करना था। ये भी कि आला कमान की नजरों में उनकी अहमियत को जतलाना और असंतुष्टों-Lobby बना के अलग शक्तिपुंज बनने की मंशा रखने वालों को प्यार से सख्त संदेश देना था कि वे मोदी-शाह के फैसलों को परोक्ष तौर पर चुनौती दे के अपनी सियासी राह पथरीली-कांटो भरी न करें। पुष्कर के लिए NN का देवभूमि दौरा यादगार और BJP के लिए संभावनाओं को और बलवती बनाने वाला रहा।



