Big News::Assembly Elections से पहले Smart and Safe Move::उत्तराखंड से आखिर विदा किए गए महामंत्री (संगठन) अजेय:बड़े राज्य राजस्थान में भेजे गए:BJP Chief नितिन ने देहरादून से लौटते ही लिया अहम फैसला
साँप भी नहीं मरा और लाठी भी नहीं टूटी:अजेय के उत्तराधिकारी को ले के कयास:क्या किसी और बड़े चेहरे का भी टूट सकता है उत्तराखंड से नाता?

Chetan Gurung
विवादों में घिरे रहे महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार को BJP ने उत्तराखंड से विदा कर दिया। उनको लेकिन बड़े और BJP शासित राज्य राजस्थान में भेजा गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आदेश पर महासचिव अरुण सिंह के दस्तखत से संगठन में सबसे शक्तिशाली ओहदे वाले चेहरे के तबादले का आदेश जारी हुआ। Party के इस कदम को Smart और Safe Move माना जा रहा है। ये साँप भी न मरना और लाठी भी न टूटने सरीखा फैसला कहा जा सकता है।


अजेय कुमार (बाएँ) का तबादला BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (दाएँ से दूसरे:CM पुष्कर सिंह धामी के सामने) के देहरादून से दिल्ली लौटने के बाद तत्काल कर दिया गया
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अजेय को विवादों में बुरी तरह घिर गए पूर्ववर्ती संजय की जगह उत्तराखंड भेजा गया था। संजय से सरकार-संगठन के साथ ही RSS खुद भी संतुष्ट नहीं था। पुष्कर सरकार से पहले संजय से जुड़े विवादों के चलते BJP को खासा सुनना और आलोचना सहनी पड़ रही थी। अजेय का नाम भी विवादों में आने लगा तो ये खतरा जताया जाने लगा कि पार्टी को इसकी कीमत विधानसभा चुनाव में न चुकानी पड़ जाए।
महामंत्री (संगठन) के लिए नाम संघ तय करता है। इस ओहदे की ताकत का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि इस कुर्सी पर बैठे शख्स की राय को अध्यक्ष भरपूर तरजीह देते हैं। चुनाव के लिए साल भर से भी कम वक्त रहने के चलते पार्टी ने सूझ-बूझ भरा फैसला लिया। अजेय को अगर सिर्फ हटाया भर जाता और नई अहम Posting न दी जाती तो ये संदेश जाता कि विवादों में उनकी भूमिका थी। इसके चलते ही उनकी छुट्टी कर दी गई। रहने दिया जाता तो इसकी कीमत चुकाने का खतरा चुनाव में रहता।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन 3 दिन पहले जब देहरादून से रवाना हुए तो उन्होंने राज्य के पार्टी के ओहदेदारों से भी CM पुष्कर सिंह धामी संग Feedback लिया था। ऐसा पार्टी सूत्र बता रहे। इसके बाद अजेय को राजस्थान भेजने का फैसला पार्टी आला कमान ने लिया। इसको सम्मानजनक-चतुर और सुरक्षित फैसला कहा जा रहा है।
अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या किसी और बड़े चेहरे का भी उत्तराखंड से नाता दूर किया जा सकता है? ये भी कि अजेय की जगह ऐन विधानसभा चुनाव और कुम्भ मेले के मौसम नए महामंत्री (संगठन) की भूमिका किसको सौंपी जाती है।



