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शाबास स्नेह राणा!Lords में India की ऐतिहासिक विजय में चमकीं:Graphic Era में अपने Student की उपलब्धि पर जश्न:देश के साथ उत्तराखंड-GEU का मस्तक ऊंचा किया-डॉ कमल घनशाला

Chetan Gurung

Lords के ऐतिहासिक Stadium में आज Graphic Era विवि की Student और देहरादून के सिनौला (जोहड़ी गाँव के करीब) में रहने वाली Spinner स्नेह राणा ने गज़ब की Bowling करते हुए दूसरी Inning में और घातक साबित होते हुए मेजबान England के 4 विकेट्स लेते हुए उसकी बल्लेबाजी की धज्जियां बिखेर डाली और 270 रनों के विशाल अंतर से अपने देश की विजय में अहम भूमिका निभाई। मैच में उसने 83 रनों पर 6 विकेट लिए। पहली पारी में भी 2 विकेट स्नेह के खाते में आए थे। Graphic Era में Staff-Students ने इस ऐतिहासिक मैच का Live लुत्फ लेने के बाद स्नेह के प्रदर्शन और भारत की जीत को जम के Celebrate किया।

Dr Kamal Ghanshala (Chairman-Graphic Era Group of Institutions

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लॉर्ड्स में स्नेह राणा की गेंदबाजी इसलिए भी बेहद अहम रही कि इसी पिच पर भारतीय batters ने जम कर Runs कूट के साबित कर दिया था कि ये पूरी तरह से बल्लेबाजी के माकूल है। गेंदबाजों के लिए इस मिट्टी में कुछ नहीं रखा है। इसके बावजूद स्नेह ने जब दूसरी पारी में अन्य Bowler कुछ कम प्रभावी दिखने लगीं तो Off Spin से गोरी Batters को तिगनी का नाच नाचा डाला। उसने आज सिर्फ 42 रन दिए और 4 बेशकीमती विकेट चटखा के England की बल्लेबाजी कमर पूरी तरह तोड़ डाली। स्नेह ODI World Cup Winner रही भारतीय टीम की भी प्रमुख सदस्य थीं।

Star All Rounder स्नेह राणा ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी से MBA कर रही है। क्रिकेट के ‘मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स में आयोजित पहले महिला टेस्ट मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को पहली बार इतने विशाल अंतर से पराजित कर इतिहास रच दिया। स्नेह की Orthodox Off Spin के सामने English Batter संघर्ष करते और विकेट बचाने में व्यस्त दिखाई दिए। स्नेह राणा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्राफिक एरा में जश्न का माहौल रहा।

विवि समूह के प्रमुख डॉ कमल घनशाला ने कहा कि स्नेह ने देश के साथ ही उत्तराखंड और अपने विश्वविद्यालय का भी मस्तक ऊंचा कर दिया। डॉ घनशाला की खेलों और खिलाड़ियों को भरपूर बढ़ावा देने और मदद करने के तौर पर ख्याति है। उनका ये योगदान इसलिए अहमियत रखता है कि कई कथित शिक्षण संस्थान खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के मुताबिक पूरी मदद या तो करते नहीं या फिर करते हैं तो बहुत मामूली। अलबत्ता, उनकी उपलब्धियों को वे जम के भुनाते हैं। उनके साथ मालिक लोग फोटो खिंचवा के अपना प्रचार अधिक करते हैं।

 

 

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