
Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज देहरादून के परेड मैदान पर छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का अपने हाथों से शुरुआत की। दोनों ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि देश के हस्तशिल्पियों-लोक कलाकारों-पाक विद्या विशेषज्ञों-उद्यमियों को सरकार बढ़ावा देती रही है और भविष्य में भी उनको ये सहयोग केंद्र और राज्य सरकार से मिलता रहेगा।




11 से 15 जुलाई तक आयोजित हो रहे महोत्सव में देश भर के शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें उत्तराखण्ड की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पीएसडी पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में उत्तराखंड केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखण्ड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
PSD ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ तथा ‘एक जनपद दो उत्पाद’ जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है।
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (PM विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने पुष्कर सरकार की सराहना के साथ कहा कि उत्तराखण्ड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है। जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है। इस मौके पर कार्यक्रम में मंत्री खजान दास, सचिव (केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव SP रॉय, विशेष सचिव (अल्पसंख्यक कल्याण-उत्तराखण्ड) डॉ. पराग मधुकर धकाते भी मौजूद रहे।



