
Chetan Gurung
Graphic Era विवि में विशेषज्ञों ने कहा कि AI मानव बुद्धिमत्ता की उपज होने के नाते उसकी दिशा भी मानव बुद्धि, विवेक और दृष्टि ही तय करेगी।
आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में IIT-रुड़की के प्रोफेसर डा SN रंगनेकर ने कहा कि AI का प्रभाव इस बात से तय होता है कि हम अपनी बुद्धिमत्ता और विवेक से इसका किस तरह उपयोग करते हैं। मानव बुद्धि ही इसकी आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि AI की वास्तविक सफलता तभी है, जब तकनीक मानव बुद्धिमत्ता का विकल्प बनने के बजाए उसे और अधिक सक्षम बनाने का जरिया बने। प्रो-VC डा. संतोष S सर्राफ ने कहा कि AI तकनीकी प्रगति का माध्यम होने के साथ ही बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इसका उपयोग मानव हित, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखते हुए किया जाना चाहिए।
संगोष्ठी में बिजनेस डिसीजन में AI की भूमिका, डेटा साइंस और AI से जुड़ी चुनौतियां एवं नैतिक मुद्दे और बिजनेस फोरकास्टिंग में AI जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। संगोष्ठी का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और AICTE ने संयुक्त रूप से किया। संगोष्ठी में कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के हेड डा. नवनीत रावत, डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के हेड डा NS बोहरा के साथ कन्वीनर डा. गिरीश लखेड़ा और डा. रत्नाकर मिश्रा मौजूद रहे।
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–पिटकुल कर्मचारी सीख रहे हैं AI की बारीकियां–

ग्राफिक एरा के विशेषज्ञ पिटकुल कर्मचारियों को AI, प्रॉम्प्ट लेखन और AI टूल्स के उपयोग के तरीके सीखा रहे हैं। इसके लिए दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला शुरू हो गई।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आज क्षमता निर्माण कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. तबस्सुम नकवी ने कहा कि बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाना जरूरी है। AI सरकारी कामकाज को सरल और प्रभावी बनाने के साथ दस्तावेज, डेटा विश्लेषण और निर्णय प्रक्रिया में उपयोगी हो सकती है।
पिटकुल कर्मचारियों को एआई और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के साथ चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट कॉपायलट और पावर बीआई के उपयोग सिखाए जाएंगे। कार्यशाला का आयोजन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और पिटकुल के संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के हेड डॉ. विशाल सागर, डॉ. श्याम एस. कपरी, डॉ. श्वेता चौहान, डॉ सुरुचि शर्मा शिक्षक-शिक्षिकाएं और प्रशिक्षण लेने आए पिटकुल के कर्मचारी शामिल रहे।



