
Chetan Gurung
देहरादून:उत्तराखंड का हर शख्स अब साक्षर है। किसी को अनपढ़ नहीं कहा जा सकता है। ये सम्मान अर्जित करने वाला वह देश का सिर्फ छठा राज्य है। इस उपलब्धि पर CM पुष्कर सिंह धामी ने सभी को बधाई देते हुए अपने आवास स्थित Camp Office के मुख्य सेवक सदन में आज कहा, “सीखने की कोई उम्र नहीं होती और आगे बढ़ने के लिए कभी देर नहीं होती। आज के दौर में साक्षरता केवल हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल, वित्तीय साक्षरता और अधिकारों की समझ भी इसका अहम हिस्सा हैं।”




मुख्य सेवक सदन में इस मौके पर आयोजित विशेष समारोह में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड ने यह ऐतिहासिक गौरव हासिल किया है।
PSD ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत मिली यह सफलता प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और नव-साक्षरों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी शिक्षा के संकल्प को दोहराते हुए शिक्षा के क्षेत्र में चलाए जा रहे राज्य सरकार के प्रमुख अभियानों का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम व सेंट्रल स्टूडियो स्थापित किए जा रहे हैं।
CM ने कहा कि प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 100-100 विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास जारी है। नंदा गौरा योजना के तहत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि और ‘मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना’ के माध्यम से अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व को दिया। इस दौरान विधायक सविता कपूर, केंद्र सरकार की अपर सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी, प्रदेश शिक्षा सचिव ज्योति यादव और अपर सचिव नमामि बंसल उपस्थित रहे।



