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तीरथ-अनिल को संगठन में तवज्जो!मंत्रिपरिषद में एक और जगह के लिए अब भी उत्तराखंड की उम्मीदें बची या नहीं! Team Nitin Nabin का पुनर्गठन:उत्तराखंड से 4 को मौका:CM पुष्कर की चारों को बधाई-शुभकामनाएँ

Ajay Tamta पहले से मोदी सरकार में हैंTSR-2 की Background में लंबा समय गुजारने के बाद शानदार वापसी

Chetan Gurung

BJP की केंद्रीय टीम के पुनर्गठन में CM रह चुके तीरथ सिंह रावत (TSR-2) और MP अनिल बलूनी के साथ ही 4 चेहरों को उत्तराखंड से जगह दी गई है। CM पुष्कर सिंह धामी ने चारों को बधाई देने के साथ ही शुभकामनाएँ दीं। सवाल ये भी उठने लगे हैं कि Modi मंत्रिपरिषद में कयासों के मुताबिक अगर फेरबदल होते हैं तो क्या उत्तराखंड से अनिल या किसी अन्य को अजय टमटा के पहले से केन्द्रीय राज्यमंत्री रहते मंत्री बनने का मौका अभी भी मिल पाएगा?

पुष्कर सिंह धामी से पहले मुख्यमंत्री के तौर पर सिर्फ 4 महीने का वक्फ़ा ही रह पाने के बाद सियासी दुनिया में पर्दे के पीछे चले गए तीरथ को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। ये उनकी शानदार वापसी संगठन और सियासत में कही जा सकती है। ये बात दीगर है कि उनके साथ 12 उपाध्यक्ष और हैं। बलूनी को Media का संयोजक फिर से बनाया गया है। ये ऐसी कुर्सी है, जिसको केन्द्रीय BJP में अहम नजरिए से देखा जाता है। तीरथ और अनिल को केंद्र में तब अहमियत मिली है, जब Social Media Wing के प्रमुख अमित मालवीय की छुट्टी कर दी गई।

दोनों के साथ ही महेंद्र पांडे और आलोक भट्ट को भी केन्द्रीय संगठन में मौका मिला है। महेंद्र को कार्यालय प्रभारी बनाया गया है। आलोक को Social Media Wing का सह संयोजक बनाया गया है। तीरथ और अनिल को अहमियत मिलने के बाद ये चर्चा स्वाभाविक है कि क्या अनिल को मोदी मंत्रिपरिषद या मंत्रिमंडल में फेरबदल होता भी है तो जगह हासिल हो पाएगी या नहीं। तीरथ को उनका Best ओहदा मिला है लेकिन अनिल लंबे समय से मीडिया संभालने का काम कर रहे हैं।

समझा जाता रहा है कि AB को मोदी मंत्रिमंडल या मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। ये सच साबित होगा या उनको और इंतजार करना पड़ेगा। मोदी-शाह के कालखंड में इस किस्म के दावे करना मुश्किल है। दोनों जो फैसला लेते हैं, वह सीधे सार्वजनिक तौर पर सामने आता है। उनके फैसले और सोच का अंदाज हातिमताई या चाचा चौधरी भी नहीं लगा सकते। ये भी बहस छिड़ती दिखी कि उत्तराखंड से 4 को केन्द्रीय संगठन में मौका मिलने से ऐसा परोक्ष संदेश तो नहीं दिया गया है कि मोदी सरकार में अब किसी और के लिए जगह शायद ही बन पाएगी या फिर बा-मुश्किल बने।

उत्तराखंड में भी UP की तरह ही साथ ही Assembly Elections होने हैं, इसलिए यहाँ से 4 चेहरों को मौका मिल पाया है। ऐसा कहा जा सकता है। अजय टमटा के रहते उत्तराखंड से एक और को मंत्री बनाया जा सकता है या फिर AT को बदल के यहाँ से किसी और चेहरे को मौका मिल सकता है! इस बाबत भी दावा करने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा है। AB के साथ अजय भट्ट,पूर्व CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत और महारानी माला राज्यलक्ष्मी भी लोकसभा में हैं।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल या मंत्रिपरिषद में फेरबदल की सूरत में उत्तराखंड से किसी को तभी मौका मिल सकता है, जब CM पुष्कर सिंह धामी की भी उसमें सहमति हो। इसमें बहुत हद तक हकीकत है। PM नरेंद्र मोदी,HM अमित शाह PSD की राय को बहुत सम्मान और तरजीह देते हैं। ये उन्होंने अपनी मेहनत और मोदी-शाह की सोच के साथ ही उसी के मुताबिक नतीजे दे कर पाई है। पुष्कर की UCC-नकल विरोधी कानून देश में छाई हुई है। नए BJP Chief नितिन नवीन की भी Chemistry पुष्कर के साथ बहुत अच्छी बताई जाती है।

अहम पहलू ये है कि मोदी-शाह-नितिन अलग-अलग मौके पर कह चुके हैं कि 7-8 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव PSD की अगुवाई में होंगे। जाहिर है सरकार आने पर वही उसकी कमान भी संभालेंगे। पुष्कर को इतना महत्व आला कमान दे रहा है और उत्तराखंड की भूमिका केन्द्र सरकार में फेरबदल की सूरत में रहती है तो पुष्कर को नजर अंदाज शायद ही किया जाएगा। इसकी संभावना क्षीण नजर आती है।

 

 

 

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