
Chetan Gurung
उत्तराखंड में Railway Services के विस्तार के बाबत आज Railway Board के Chairman सतीश कुमार ने CM पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर अहम मुलाक़ात की और रेलवे से जुड़े तमाम Projects और संभावनाओं पर चर्चा की। CRB ने Chief Secretary आनंदबर्द्धन से भी इन्हीं मसलों पर प्रतिनिधिमंडल के साथ भेंट की। दोनों के साथ मुलाक़ात में राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, Superfast Trains राज्य में शुरू करने तथा भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने पर बल दिया।


उन्होंने कहा कि यह परियोजना चार धाम यात्रा विशेषकर बदरीनाथ एवं केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाएगी। बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि परियोजना का सर्वेक्षण तथा DPR तैयार की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने अपेक्षा व्यक्त की कि नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी भविष्य की आवश्यकताओं एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उत्तराखंड में तीर्थाटन एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने को जरूरी करार दिया।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल में हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशन प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। कुंभ एवं कांवड़ मेले के दृष्टिगत हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया।
CM ने कहा कि हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबल लेन की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है। रेलवे बोर्ड के प्रमुख सतीश ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता से कार्य किये जाएंगे। इस अवसर पर सचिव (परिवहन) बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित थे।
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मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन एवं अध्यक्ष-रेलवे बोर्ड की बैठक में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना सहित विभिन्न रेलवे प्रोजेक्ट्स के संबंध बैठक हुई। बैठक के दौरान बताया गया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना परियोजना दिसम्बर, 2028 तक पूर्ण की जानी प्रस्तावित है।
मुख्य सचिव ने अध्यक्ष रेलवे बोर्ड से ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन परियोजना के संबंध में अंतिम सर्वे कर रेलवे बोर्ड को प्रेषित DPR मंजूर करने का अनुरोध किया। उन्होंने परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलित करते हुए शत-प्रतिशत लागत भी भारत सरकार से ही वहन करने की गुजारिश की।
हरिद्वार-देहरादून दोहरीकरण परियोजना के संबंध में CRB ने बताया कि हरिद्वार मोतीचूर-रायवाला दोहरीकरण को स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना पर दो चरणों में कार्य होगा। प्रथम चरण में हरिद्वार-मोतीचूर तक रेल लाईन दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा। हरिद्वार-मोतीचूर रेल लाईन दोहरीकरण किए जाने में अतिक्रमण की गम्भीर समस्या सामने आ रही है। मुख्य सचिव ने अतिक्रमण हटाने का वादा किया।
अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव R मीनाक्षी सुंदरम एवं सचिव बृजेश कुमार संत तथा अपर सचिव रीना जोशी उपस्थित थे।



