
Chetan Gurung
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित ‘उत्तराखंड निवास’ में राज्य के प्रवासी बुद्धिजीवियों व प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कर उनके अहम सुझाव हासिल करने के बाद कहा कि राज्य के विकास में उनकी न सिर्फ अहम भूमिका है बल्कि उनके दिए गए सुझावों को नीतियों को बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार चाहती है कि वे अपनी माटी के विकास में अपने ज्ञान-अनुभव और कौशल से हाथ बंटाएँ।



उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में उत्तराखंड के विकास की रफ्तार ख़ासी बढ़ी है। आर्थिक,सामाजिक,सरकारी प्रणाली और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर राज्य ने बहुत प्रगति की है। राज्य में भारी भरकम निवेश आया और प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ। राज्य का बजट बढ़ कर ₹1,12,000 करोड़ हो गया है। सरकार ‘पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी’ को प्रदेश के विकास में लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, स्वरोजगार और कनेक्टिविटी के विस्तार से राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44% की वृद्धि दर्ज की गई है। मजबूत कनेक्टिविटी: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और देहरादून से 50 से अधिक हवाई सेवाओं ने निवेश के अवसर बढ़ाए हैं। पंतनगर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। नकल माफिया पर नकेल कसते हुए 100 से अधिक दोषियों को जेल भेजा गया है।
पुष्कर ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है। धर्मांतरण विरोधी व दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। मानकविहीन 250 से अधिक मदरसों पर कार्रवाई कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। नीति आयोग की SDG रैंकिंग में उत्तराखंड शीर्ष स्थान पर रहा है। चार धाम, कांवड़ (5 करोड़ श्रद्धालु) और आदि कैलाश यात्रा में पर्यटकों की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
CM PSD ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन और इसमें राज्य के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड ‘खेल भूमि’ के रूप में उभर रहा है। संवाद कार्यक्रम में प्रसून जोशी, प्रो. प्रदीप जोशी, अश्विनी लोहानी, प्रो. हर्ष V पंत और प्रो. गोविंद सिंह (संचालक) सहित अनेक गणमान्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।



