Big Breaking:मायापुर (चमोली) में निर्माणाधीन THDC Tunnel में मलबा-पानी भरने से 19 लोग फंसे:13 को सुरक्षित निकाला:CM पुष्कर ने संभाली बचाव अभियान की कमान:सिल्क्यारा हादसे की आई याद:स्वतन्त्रता दिवस पर भी मौसम का प्रकोप
14 से 17 अगस्त तक देहरादून समेत राज्य भर में बारिश की धुआंधार:नाहक सफर-खतरा मोल लेने से बचने की सलाह

Chetan Gurung
चमोली में भारी बारिश के बाद मायापुर (पीपलकोटी) में गुरुवार शाम लगभग 7:05 बजे THDC की निर्माणाधीन सुरंग हादसे का शिकार हो गई और उसके भीतर मलबा तथा पानी भर जाने से 18 से 19 लोग अचानक जिंदगी और मौत के झूले में फंस गए। साल-2023 के सिलक्यारा Tunnel हादसे की याद इसके साथ ही हो आई। Tunnel को HCC कंपनी बना रही। CM पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरी फिक्र जताते हुए युद्ध स्तर पर राहत-अभियान चलाने के निर्देश देने के साथ ही खुद एक किस्म से इसकी कमान थाम चुके हैं। फंसे 13 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाकी लोगों को भी बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार तेजी से जारी है।

CM पुष्कर सिंह धामी-सिल्क्यारा Tunnel हादसे की तरह राहत-बचाव के लिए फिर खुद कमान संभाली
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इसको सिल्क्यारा Tunnel हादसा-Part-2 समझा जा रहा। 12 नवंबर को हुए सिल्क्यारा Tunnel हादसे में 41 मजदूर मलबा आने से सुरंग में फंस गए थे। CM पुष्कर ने खुद मौके पर Camp कर के सभी मजदूरों के 17 दिनों बाद सकुशल बाहर निकलने के बाद ही देहरादून वापसी की थी। सेना, ITBP-NDRF और SDRF की टीमें अभियान चलने के लिए मौके पर जा चुकी हैं। DIRF-Police और CISF के जवान शुरू से ही बचाव और राहत अभियान में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन अभियान और हादसे के हर क्षण पर नजर रख रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर ने राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। वह खुद Senior Officers से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं। मौके पर DM गौरव कुमार भी पहुंचे हुए हैं। वह राहत अभियान की अगुवाई भी कर रहे हैं। बचा के निकाले गए घायलों का गोपेश्वर के अस्पताल में ईलाज शुरू कर दिया गया है।
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प्रदेश में हालात अभी भी बारिश सुधरने के नहीं हैं। मौसम विभाग ने आज ताजा चेतावनी देते हुए भविष्यवाणी की कि 14 अगस्त से 17 अगस्त तक बारिश का प्रकोप छाया रहेगा। इस पर सरकार ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी के मुताबिक तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना वाले क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सचिव (आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास) विनोद कुमार सुमन ने सभी DMs और संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार High Alert मोड में रहने के निर्देश दिए। पूर्वानुमान के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नैनीताल में ऑरेंज Orange Alert रहेगा। चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है।
राज्य के शेष जनपदों में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत Yellow Alert रहेगा। 15 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में Yellow Alert रहेगा। इस दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत एवं बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। पर्वतीय जनपदों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
16 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर एवं नैनीताल में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट रहेगा।
17 अगस्त को देहरादून एवं टिहरी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। शेष जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट रहेगा।
सचिव सुमन ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अनावश्यक यात्रा से बचना ठीक रहेगा। मौसम की स्थिति की जानकारी लेते रहें। Land Slides एवं चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों एवं जलधाराओं के आसपास जाने से बचें। भारी बारिश अथवा अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें। सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें।



