Breaking News::पहाड़ों में खेतों का बेहतर प्रबंधन-किसानों को राहत:आंशिक-स्वैच्छिक चकबंदी नीति मंजूर:चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ढांचा संशोधित:तीनों ऊर्जा निगमों में Directors की नियुक्ति पर नियमावली संशोधित:लोहाघाट Girls Sports College के लिए 16 पदों को अनुमोदन
पुष्कर Cabinet ने बैठक में कई अहम फैसलों से जुड़े प्रस्तावों को दी अलग से मंजूरी

Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई Cabinet meeting में ऊर्जा-ईंधन की बचत और Work From Home से अलग से और भी कई अहम बड़े फैसले लिए गए। इनमें पहाड़ी इलाकाओं में आंशिक और स्वैच्छिक चकबंदी नीति को मंजूरी और कई संस्थानों-प्रतिष्ठानों के कार्मिक ढांचे को मंजूरी शामिल रही।
1-उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों में स्वैच्छिक /आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी। इसके तहत पर्वतीय जिले के लिए टारगेट निर्धारित किए गए है। प्रत्येक पर्वतीय जिले में 10 गाँव का टारगेट रखा है। गांव के 75 प्रतिशत लोगों की सहमति होने पर चकबंदी समिति का गठन किया जाएगा। चकबंदी के लिए डिजिटल नक्शों का इस्तेमाल किया जाएगा। चकबंदी के बाद आपत्तियों के निस्तारण के लिए भी 120 दिनों की समय सीमा तय की गई है।
चकबंदी का मुख्य उद्देश्य कृषकों की विभिन्न स्थानों पर बिखरी हुई भूमि को किसी अन्य स्थान पर एक बड़े चक अर्थात खेत में तब्दील करना है। चकबंदी से किसानों के खेतों की संख्या कम होने के साथ ही उन्हें कृषि कार्य में काफी सरलता होती है। खेतों का आकार बड़ा हो जाने से वह कृषि संसाधनों का समुचित प्रयोग कर पाते है, जिसका सीधा प्रभाव कृषि उत्पादन पर पड़ता है। किसानों के बीच विभिन्न प्रकार के आपसी विवाद कम हो जाते हैं।
2-उत्तराखण्ड राजस्व परिषद, समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 के संशोधन को मंजूरी। कंप्यूटर टाइपिंग को अधिमानी अहर्ता रखी गई थी। जिसके तहत सिर्फ कंप्यूटर का ज्ञान होना आवश्यक था। अब इसे क्वांटिफाई करते हुए 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की टाइपिंग स्पीड होनी चाहिए। माइक्रोसोफ्ट ऑफिस का बेसिक ज्ञान , एवं विंडोज एंड इंटरनेट का भी ज्ञान होना जरूरी होगा।
3- सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र (कैप) का नाम बदलकर परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान (परफ्यूमरी एंड एरोमैटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट) रखे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी।
4-उच्चतम न्यायालय के निर्णय के मुताबिक न्याय विभाग के अंतर्गत रजिस्ट्रार न्यायालय एवं केस प्रबंधक का पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
5- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्मिकों की कमी को दूर करने के लिए संविदा पर संकाय सदस्यों को 3 वर्ष के लिए रखने की खातिर अब तक विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री का अनुमोदन अनिवार्य होता था। इन नियमों में संशोधन करते हुए कार्मिकों का चयन सचिव स्तर पर किए जाने को अनुमोदन दिया गया।
6- चिकित्सा शिक्षा निदेशालय का ढांचा पुर्नगठित करने को मंजूरी। ढांचे में पूर्व में 29 पद थे। उनको बढ़ाते हुए 40 पद करने के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया। अब वित्त नियंत्रक का 1, कनिष्ठ अभियंता 1, प्रशासनिक अधिकारी 1, लेखाकार 1, वरिष्ठ सहायक 1, कनिष्ठ सहायक 1 और इसके साथ ही 4 मल्टी परपज वर्कर, 1 वाहन चालक के पदों का सृजन किया गया है।
7- राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कार्यरत संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबन्धन समिति के माध्यम से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
8- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागान्तर्गत लैब टैक्नीशियन संवर्ग के ढाँचे को IPHS मानक के अनुसार पुनर्गठित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। अब 3 पद सोपान के अंतर्गत मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट के 266, टैक्निकल ऑफिसर के 54, एवं चीफ टैक्निकल ऑफिसर के 25 पदों को मिला के 345 पदों को मानकानुसार पुनर्गठित किया जाएगा। प्रस्ताव पास कर दिया गया।
9-लोहाघाट Girls Sports College (चम्पावत) के लिए प्रधानाचार्य सहित 16 पदों को सृजित करने का निर्णय Cabinet ने लिया।
10- लघु जल विद्युत परियोजना विकास नीति, 2015 के कुछ प्राविधानों में संशोधन करने के प्रस्ताव को अनुमोदन।
11- ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में निदेशक की नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन करते हुए निदेशक मंडल में नियुक्त शब्द को हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी। पूर्व की नियमावली में समस्या उत्पन्न हो रही थी। इसमें निदेशक के चयन के लिए पूर्व में व्यवस्था रखी गई थी कि निदेशक मंडल में नियुक्त मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक और उससे उच्च स्तर के अधिकारी इसमें पात्र होते थे।
12- उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता नियम-2026 प्रख्यापित करने पर मंजूरी मिल गई। इस नियमावली के माध्यम से राज्य में अल्पसंख्यक मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं सिख समुदाय के शैक्षणिक विकास एवं नवीन संस्थानों की मान्यता, नवीनीकरण और मान्यता की समाप्ति प्रक्रिया को ऑनलाईन माध्यम से प्रबंधित करने का प्रावधान किया गया है।
13- पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों में राज्य सैक्टर के अन्तर्गत पंचायत भवन निर्माण के लिए वर्तमान में प्रचलित दर ₹ 10 लाख प्रति पंचायत घर को संशोधित करते हुए ₹ 20 लाख प्रति पंचायत घर निर्धारित करने के प्रस्ताव को अनुमोदन दे दिया गया।
14-उत्तराखण्ड की पंचम विधान सभा के वर्ष 2026 का विशेष सत्र का तत्काल प्रभाव से सत्रावसान करने को अनुमोदन।
15- गृह विभाग के अंतर्गत विधि विज्ञान प्रयोगशाला विभाग में कुल 15 पदों को सृजित करने के प्रस्ताव को अनुमोदन। 5 वैज्ञानिक अधिकारी, 5 ज्येष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी तथा 5 प्रयोगशाला सहायक होंगे।
16- उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी। पूर्व में होम स्टे एवं ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट के लिए अलग-अलग नियमावलियां थी। इन सबको जोड़ के एक नियमावली प्रस्तावित की गई। होम स्टे के तहत कमरों की संख्या को 5 से बढ़ा कर 8 किया गया है। रिन्यूअल की व्यवस्था को सरल बनाते हुए रिन्यूअल फीस को ऑनलाईन भुगतान पर ऑटोमैटिक रिन्यूलअल माना जाएगा।



