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देश के साथ करोड़ों की साझा विरासत-संस्कृति-भावनाओं का भी विभाजन हुआ:रातों रात लोग एक-दूसरे से जुदा हो गए-CM पुष्कर:मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि

Chetan Gurung

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रेम नगर आश्रम (हरिद्वार) में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भारत विभाजन की त्रासदी में शहीद लाखों भारतीयों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि विभाजन सिर्फ सीमाओं का न हो के करोड़ों लोगों की साझा विरासत-संस्कृति,पहचान और भावनाओं का भी था।

उन्होंने कहा कि सदियों से साथ रहने वाले लोग रातों-रात एक-दूसरे से अलग हो गए और लाखों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाना ऐतिहासिक है। इसका उद्देश्य उन पीड़ित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को याद करना तथा नई पीढ़ी को देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने कहा कि आज देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों और गौरवशाली विरासत से फिर जुड़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और करतारपुर कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी विरासत को दिव्यता और भव्यता के साथ पुनर्स्थापित कर रहा है।

PSD ने अनुच्छेद-370 के प्रावधानों में बदलाव, तीन तलाक की प्रथा पर रोक, नागरिकता संशोधन कानून, वक्फ कानून में संशोधन तथा 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के निर्णयों का जिक्र भी किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सब संभव हो पाया है। आगामी कुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

CM पुष्कर ने ब्लड कैम्प का अवलोकन किया तथा रक्तदान करने वालों को  प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।  विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी को देखा। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के बुजुर्गों को शॉल भेंट की। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन के समय बड़ी विडंबना यह थी कि देश का बंटवारा तो हो गया, लेकिन भारत और पाकिस्तान की सीमाएं तत्काल स्पष्ट नहीं थीं।

उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान की सीमा निर्धारित करने की जिम्मेदारी अंग्रेज अधिकारी सर सिरिल रेडक्लिफ को सौंपी गई, जिन्हें भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों की पर्याप्त जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने भारत को पहले समझा तक नहीं था, उसे इतने बड़े और संवेदनशील कार्य की जिम्मेदारी सौंपना विभाजन की प्रक्रिया की गंभीरता को दर्शाता है। इस अवसर पर मंत्री मदन कौशिक एवं प्रदीप बत्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

मेयर (हरिद्वार) किरण जैसल, नगर पालिका अध्यक्ष (शिवालिक नगर) राजीव शर्मा, विधायक आदेश चौहान, सविता कपूर, प्रदेश अध्यक्ष उत्तरांचल पंजाबी महासभा करण मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला, विश्वास डाबर, DM मयूर दीक्षित, SSP नवनीत सिंह भुल्लर,ADM (प्रशासन) जितेंद्र कुमार भी मौजूद थे।

 

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