
Chetan Gurung
पिछले महीने देहरादून पार्टी के कार्यों से आए BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को यहाँ की पहाड़ियाँ इस कदर भाई कि शनिवार को वह परिवार के साथ मसूरी की वादियों का लुत्फ लेने पहुंचे गए। इस दौरान वह किसी से नहीं मिले। न सरकार के लोगों और न पार्टी कार्यकर्ताओं से। वह आज दिल्ली लौट गए।

पिछले महीने 28 से 30 मई तक जब वह देहरादून आए तो वरिष्ठ पत्रकारों से चाय-पकौड़े की पार्टी के दौरान पूरी तरह अनौपचारिक दिखाई दिए थे। उन्होंने पत्रकारों से पूछा था कि आधिकारिक सवाल-जवाब तो होते रहेंगे, लेकिन आप तो ये बताइए कि उत्तराखंड में घूमने और देखने के लिए क्या-क्या खास है। उनको सामने से कई पर्यटक स्थलों के बारे में बताया गया तो वह खुश होते हुए बोले थे, ये हुई न बात। तभी आभास हो रहा था कि वह उत्तराखंड घूमने की इच्छा रखते हैं।
वह BJP Core ग्रुप और MP-MLAs के साथ मंथन बैठक करने आए थे। तब लगा था कि वह उत्तराखंड में घूमने की जगह के बारे में यूं ही जानना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया था कि वह पहले भी उत्तराखंड में हरिद्वार आ चुके हैं लेकिन घूमने के लिए नहीं बल्कि पारिवारिक-धार्मिक कार्यों से। कल वह देहरादून और मसूरी पहुंचे तो इसकी जानकारी CM पुष्कर सिंह धामी और BJP State Chief महेंद्र भट्ट समेत सिर्फ चुनिन्दा लोगों को ही थी। किसी को भी उनसे मिलने से मनाही थी। उन्होंने दौरे को पूरी तरह निजी रखा।
मसूरी में अलबत्ता, पार्टी के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं से वह मिले। जो उनसे खुद शिष्टाचारवश मिलना चाह रहे थे। मसूरी के विधायक और सरकार में मंत्री गणेश जोशी भी उनसे नहीं मिल पाए। मुख्यमंत्री पुष्कर उधम सिंह नगर में थे। नितिन नवीन के दौरे को ले के कयास के बादल भी उड़ाए गए कि वह अचानक पहुंचे और इसकी कोई खास वजह भी तलाशने की कोशिश हुई। भले ये उनका एकदम गैर राजनीतिक और घरेलू दौरा था।
सरकार और पार्टी के बड़े चेहरों ने अनौपचारिक तौर पर बताया कि NN के आने का Program खास और बड़े लोगों की जानकारी में था। उनके मुताबिक किसी ने उनके पारिवारिक दौरे में खलल डालना उचित नहीं समझा। BJP प्रमुख को मसूरी का मौसम बहुत भाया। उनको पहाड़ी टोपी भी स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पहनाई।
वह मॉल रोड में परिवार के साथ टहले। कई लोग और पर्यटक दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष को इस कदर बेफिक्र और परिवार के साथ घूमते देख हैरान दिखे। उनके आसपास सुरक्षा बंदोबस्त होने के चलते लोग उनसे मिल नहीं पाए।


