
Chetan Gurung
खेल और युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने एक बार फिर काँवड़ उठाई। हरिद्वार के हर की पैड़ी से पूजा-अर्चना के बाद गंगा जल कलश में भरा। फिर चल पड़ीं मूसलाधार बारिश में ऋषिकेश। इस बार उनकी इस काँवड़ यात्रा की मंशा साल-2036 में भारत को Olympic Games की मेजबानी मिले, ये मनोकामना बाबा भोले के सम्मुख रखने और उसको पूरा कराने की थी। CM पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल की इकलौती महिला मंत्री इस किस्म के जीवट लक्ष्यों और संकल्पों को सामने रख के उसको पूरा करने के लिए बाकी मंत्रियों से अधिक जानी जाती हैं।





गेरुआ वस्त्र धारण किए और माथे पर चन्दन का चौड़ा तिलक लगाए रेखा के साथ खेल और युवा कल्याण महकमे के अफसरों और खिलाड़ियों-Students ने भी पूरे जोश के साथ पैदल चल के दिया। यात्रा निर्मल बाबा यात्रा पर जलाभिषेक के साथ सम्पन्न हुई। 22 KM की पैदल यात्रा के दौरान बम भोले और ओलिम्पिक मेजबानी का संकल्प पूरा हो के नारे भी गूँजते रहे। साधू-संतों ने भी उनका यात्रा में साथ दिया।
खेल विभाग के अफसरों AD संजीव पौरी-राजेश ममगाईं,जिला खेल अधिकारी शबाली गुरुंग,युवा कल्याण के अपर निदेशक अजय अग्रवाल,शक्ति सिंह,नीरज गुप्ता पूरी यात्रा में साथ चलते रहे। मंत्री रेखा आर्या ने यात्रा को ‘ओलंपिक 2036 संकल्प कांवड़ यात्रा’ नाम दिया। यात्रा सुबह 7 बजे शुरू हुई। रास्ते में लोग मंत्री को इस तरह काँवड़ उठाए चलते देख हैरान नजर आ रहे थे। बारिश की बौछार भी काँवड़ उठाए तेजी से डग भरते हुए आगे बढ़ रही महिला मंत्री की रफ्तार को थाम नहीं पा रही थीं।
यात्रा भूपतवाला-रायवाला होते हुए मंजिल वीरभद्र मंदिर तक पहुंची। निर्मल महादेव का जलाभिषेक किया।उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ओलिम्पिक मेजबानी पाने का संकल्प PM नरेंद्र मोदी का है। वह संकल्प पूरा हो, इसके लिए उन्होंने ये यात्रा निकाली। साधु-संतों ने भी मंत्री रेखा को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद प्रदान किए। उनको गंगा नदी का जल हाथ में ले कर संकल्प कराया।



