Big News::सर्द हवाओं-सियासी गर्मी के बीच आत्मनिर्भर विकसित उत्तराखंड के लिए और 7844 Cr का Supplementary Budget!CM पुष्कर ने 7वीं बार पेश किया:इस साल Record 1.19 लाख Cr पहुंचा Budget
CM पुष्कर की अगुवाई में पहली बार साल में 2 सत्र भराड़ीसैण में:सत्र से पहले LoP यशपाल आर्य-Speaker ऋतु खंडूड़ी से से PSD की शिष्टाचार मुलाक़ात

Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी सरकार ने आज सर्द हवाओं की गुलाबी ठंड और सियासी गर्मी की Cocktail के बीच मनमोहक सुरम्य वादियों में स्थित विधानसभा के सदन में 7844.18 हजार करोड़ रूपये से अधिक का Supplementary Budget भराड़ी सैण (गैरसैण) में पेश किया। आम बजट में 1.11 लाख करोड़ रूपये पेश करने के बाद आज के बजट को जोड़ कर कुल बजट इस साल का 1.19 लाख करोड़ रूपये का हो गया। PSD ने अनुपूरक बजट को विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया। अभी Infrastructure का भी 4 हजार करोड़ रूपये से अधिक जुड़ेगा। इस तरह साल का बजट आखिरकार 1.22 लाख करोड़ रूपये हो जाएगा। ये उत्तराखंड के Budget का अब तक का Record होगा। पुष्कर ने लगातार सातवीं बार अनुपूरक बजट पेश किया। सबसे अधिक Session और एक ही साल में 2 बार गैरसैण में Assembly Session चलाने का कीर्तिमान भी बनाया। सत्र शुरू होने से पहले PSD ने Speaker ऋतु खंडूड़ी और नेता विरोधी दल यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट की। सदन में पूर्व सदस्य CM रहे BC खंडूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।



मुख्यमंत्री ने बजट पेश किए जाने के बाद पत्रकारों से कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े आंकड़े उत्साहजनक हैं। वर्ष 2022 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस अवधि में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.95 लाख रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये तक पहुंची है। बहुआयामी गरीबी में कमी आई है। राज्य में स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1,978 तथा MSME Units की संख्या लगभग 60 हजार से बढ़कर एक लाख तक पहुंची है। सौर ऊर्जा क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। PM नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की अवधारणा के मुताबिक उत्तराखंड काम कर रहा है। हाल के सालों में हमने उपलब्धियां अर्जित की है। G-20 और 38th National Games और Global Investors Summit और उत्तराखंडी प्रवासी दिवस,World Disaster Management का आयोजन किया।


उन्होंने कहा की उत्तराखंड वीर और देवभूमि के साथ ही खेल भूमि भी बनी। सिल्क्यारा Tunnel Rescue अभियान का जिक्र खास तौर पर किया। उसको उन्होंने जीवन का बहुत कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियान करार दिया। उन्होंने कहा कि ये एक अलग किस्म का अनुभव था जब देहरादून में World Disaster Summit हो रहा था और Tunnel में 41 कामगार फंसे हुए थे। ये बात सही नहीं है कि उत्तराखंड पर लाखों करोड़ का Loan है। 57,400 Cr का Budget साल-2021 में था जो साल-2026-27 में 1.19 लाख Cr हो चुका है। Loan Management बेहतर करेंगे। पिछले 5 सालों में वित्तीय प्रबंधन भारत सरकार की Guideline के मुताबिक चल रहा। राजस्व में इजाफा हुआ है। साल-2021-22 में 16 हजार करोड़ रूपये से बढ़ कर 31 हजार करोड़ रूपये का हो गया है।









मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC हमने बनाया और आज कई राज्यों में इसको लागू किया जा रहा है। सुशासन में सरकार ने अनेक प्रयास किए। कर्मचारियों और उत्तराखंड आंदोलनकारियों के हित में निर्णय लिए गए। पुलिस आवास के लिए आने वाले सालों में 300 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। आवास और Duty Point करीब होगा तो वे जल्दी ड्यूटी पर पहुंचेंगे और परिवार के साथ रह पाएंगे। खेलों में उत्तराखंड ने दम दिखाया। NG में हमेशा 20 स्थान से बाहर रहता था। अब 107 Medals जीते। Top-10 में रहे। Sports University और महिला Sports College बनाया। 100 से ज्यादा नौकरी नकल माफिया पर कार्रवाई की गई। नियुक्ति पत्र बंद कमरे में न कर सार्वजनिक रूप से दिए गए। 3500 से अधिक को आयोगों के जरिये नौकरी दी गई।

CM पुष्कर सिंह धामी मंत्री सतपाल महाराज (बाएँ) और वित्त सचिव दिलीप जावलकर (दाएँ) के साथ पत्रकारों से बजट पर बात करते हुए
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मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुंभ और अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेताओं को पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। पर्यटन को Local रोजगार से भी जोड़ कर उस पर कार्य किया जा रहा है। Winter Season को बढ़ावा दिया जा रहा। अनुपूरक बजट के बाबत कहा कि अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये, आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विशेष सहायता योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये तथा आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं और अवस्थापना सुविधाओं के लिए लगभग 290 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। नंदा राजजात यात्रा और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर से जुड़े कार्यों का भी बजट में ध्यान रखा गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अटल आयुष्मान योजना में 100 करोड़ रुपये तथा कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज सहित चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये तथा विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का ध्यान केवल नई योजनाएं शुरू करने पर नहीं, बल्कि उनका लाभ समय पर जनता तक पहुंचाने पर भी है। बजट में 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद तथा 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद में प्रस्तावित हैं। मूल बजट के 1,11,703.21 करोड़ रुपये में अनुपूरक बजट जुड़ने के बाद बजट का आकार 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो जाएगा।
दिव्य कुंभ की तैयारियों के लिए लगभग 290 करोड़ और नंदा राजजात यात्रा के लिए भी बजट में प्रावधान है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना को 122 करोड़, हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर के लिए 30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पेयजल क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ठेकेदारों के बकाया भुगतान सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पेयजल विभाग की KFW परियोजना के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। राज्य में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को भी बजट में ध्यान दिया गया है।
जोशीमठ और अन्य स्थानों पर भू-धंसाव को देखते हुए आवश्यक कार्यों के लिए लगभग 48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
–CM पुष्कर की अगुवाई में पहली बार साल में 2 सत्र भराड़ीसैण में–
मुख्यमंत्री पुष्कर के नेतृत्व में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में पहली बार एक साल के भीतर दो विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ गया। इसी साल मार्च में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित किया गया था। गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद से यहां समय-समय पर विधानसभा की कार्यवाही संचालित होती रही है। कुछ वर्ष यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ, जबकि कुछ वर्षों में एक बार विधानसभा सत्र आयोजित किया गया।
वर्ष 2014 में गैरसैंण में पहली बार तीन दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2015 और 2016 में दो-दो दिन तथा वर्ष 2017 में दो दिवसीय सत्र हुआ। वर्ष 2018 में विधानसभा की कार्यवाही छह दिन तक चली। वर्ष 2019 में यहां कोई सत्र आयोजित नहीं हुआ। वर्ष 2020 में पांच दिवसीय सत्र आयोजित किया गया, जबकि वर्ष 2021 में एक से छह मार्च तक भराड़ीसैंण में छह दिवसीय बजट सत्र चला।
वर्ष 2022 में गैरसैंण में विधानसभा सत्र नहीं हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में चार दिन और वर्ष 2024 में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में यहां बजट सत्र और मानसून सत्र आयोजित किए गए। वहीं, वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्टूबर में दूसरी बार विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है।
CM पुष्कर ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। हमारी सरकार का प्रयास है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्रों के आयोजन के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, जनअपेक्षाओं और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिले। गैरसैंण की भूमिका को सशक्त बनाना और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास को गति देना हमारी प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप विकास और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।*
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