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CEC-Elections पर CM पुष्कर की Congress को नसीहत,`संवैधानिक संस्थाओं पर अंगुली उठाने से बचे-सच की सियासत करे’:आयोग भी साफ कर चुका है कि कोई आपसी मतभेद नहीं

`देवभूमि को जाति की राजनीति में बांटने से बाज आए राहुल गांधी’

Chetan Gurung

देहरादून। Chief Election Commissioner और चुनाव आयोग पर शक जताने तथा आरोप लगाने पर CM पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को Congress और विपक्ष को आड़े हाथों लेने के साथ ही नसीहत दी कि लोगों को भ्रमित करने और संवैधानिक संस्था की गरिमा पर प्रहार करने के बजाए उनको तथ्यों की सियासत करना चाहिए। Congress और सपा सरकार के दौर में ही उत्तराखंड आंदोलन के दौरान मसूरी,खटीमा,मुजफ्फरनगर नरसंहार हुआ था। माँ-बहनों के साथ निम्न किस्म का पाप कृत्य किया गया था।

मुख्य सेवक सदन में Press Conference में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के मजबूत और जीवंत लोकतंत्र का आधार देश की स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं हैं। चुनाव आयोग जैसी गरिमामयी संस्था पर भ्रम फैलाने से काँग्रेस को बचना चाहिए। 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की पूर्ण आयोग की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि SIR (विशेष पुनरीक्षण अभियान) का मूल आदेश पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिया गया था। ये तीनों ने साफ कर दिया है।

PSD ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा बाद में 19 अन्य राज्यों की SIR समय-सारिणी को आयोग की पूर्ण सहमति प्राप्त थी। किसी आंतरिक टिप्पणी को मतभेद के रूप में पेश करना पूरी तरह अनुचित है। सचिवालय में भी किसी फाइल पर अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग टिप्पणी लिखी गई होती है। इसका मतलब आपसी मतभेद नहीं होता है। आखिरी फैसला जो लिया जाता है, उसमें सभी की सहमति समझा जाता है।

CM पुष्कर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी 27 मई 2026 के अपने निर्णय में SIR प्रक्रिया को संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुरूप माना है। ECINet को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग ने सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में IIT/IIIT विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति गठित करने का निर्णय लिया है। राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में नकल माफिया के खिलाफ ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्रवाई की है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस कानून के अंतर्गत 100 से अधिक दोषियों व माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा गया है। पिछले 5 वर्षों में पारदर्शिता के साथ 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ये उत्तराखंड में कीर्तिमान है। हल्द्वानी प्रकरण और भूमि संबंधी आरोपों पर कहा कि उत्तराखंड की पहचान सामाजिक समरसता और भाईचारे से है। राज्य को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की कोशिशों को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने जमीन से जुड़े आरोपों पर विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करें। सरकार हर तथ्यात्मक सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।  पुष्कर ने Congress और राहुल गांधी को राजनीति करने और Comedy न करने की सीख भी दी और कहा कि कमेडियन को ला के PM नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय माँ का उपहास करना शर्मनाक है। BJP के प्रदेश Media In-Charge मनवीर सिंह चौहान भी मौजूद थे।

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