Big News::PM मोदी के हाथों Dehradun-Delhi Economic Corridor (Expressway) का लोकार्पण:देहरादून में कहा,`मुसाफिरों का समय बचेगा-सफर सस्ता-तेज होगा:किराए-माल ढुलाई में आएगी कमी:रोजगार बढ़ेगा’:Connectivity मजबूत होगी:अर्थव्यवस्था-पर्यटन को मिलेगी गति:पुष्कर लोकप्रिय-ऊर्जावान-कर्मठ CM
बोले CM पुष्कर,`मोदी की अगुवाई में अब विकास रफ्ता-रफ्ता नहीं पूरी रफ्तार पकड़ चुका है’

Chetan Gurung
PM नरेन्द्र मोदी ने आज सवा 2 सौ किमी लंबे सफर को ढाई घंटे में पूरा करने वाले दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का विधिवत लोकार्पण करने के बाद लोगों से अटे-पटे डाकरा-गढ़ी कैंट के एतिहासिक जसवंत सिंह ग्राउंड (महेंद्र ग्राउंड) में मोदी-मोदी के नारों के शोर में अपनी भाषण शैली से न सिर्फ महफिल और तालियाँ लूटी बल्कि साफ कर दिया कि CM पुष्कर सिंह धामी से उनका लगाव किस दर्जे का है और वह उनके लिए कितनी अहमियत रखते हैं। PSD को सबसे लोकप्रिय-कर्मठ और ऊर्जावान करार दे के उन्होंने साफ किया कि वह वाकई में उनके सबसे भरोसेमंद हैं। सेना की छावनी क्षेत्र में लोगों के सैलाब को उन्होंने अलग-अलग बोली भाषा का इस्तेमाल कर झूमा डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मां डाट काली का आशीर्वाद दिल्ली-देहरादून Economic Corridor परियोजना को पूरा करने में बहुत बड़ी शक्ति रहा है। उन्होंने “बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में सरकार की नीतियों ने संवैधानिक मूल्यों को कायम रखने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री ने CM पुष्कर के UCC का तारीफ करते हुए कहा, “उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता की संवैधानिक आकांक्षा को आगे बढ़ाकर पूरे देश को मार्ग दिखाया है।”उन्होंने कहा कि “दिल्ली-देहरादून Expressway उत्तराखंड के विकास को नई गति प्रदान करेगा।”प्रधानमंत्री मोदी ने Expressway के लोकार्पण के बाद समारोह स्थल जाने के दौरान Road Show किया। लोगों के हुजूम का उन्होंने हाथ हिला के अभिनंदन किया।






PM मोदी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी सड़कों, राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, हवाई मार्गों, रेल मार्गों और जलमार्गों में निहित होता है। साल-2014 से पहले अवसंरचना पर व्यय प्रति वर्ष 2 लाख करोड़ रुपये से कम था। अब यह छह गुना से अधिक बढ़कर प्रति वर्ष 12 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया है। अकेले उत्तराखंड में ही वर्तमान में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाएं जारी हैं। उन्होंने कहा, “पूरे देश में जिस स्तर पर बुनियादी ढांचा विकसित किया जा रहा है, उसकी कल्पना कीजिए। इस छोटे से क्षेत्र उत्तराखंड में जो हो रहा है, वह तो बस उसकी एक झलक है।”


Road Show के दौरान हाथ हिला के लोगों का अभिवादन स्वीकार करते PM मोदी (ऊपर):डाकरा कैंट में समारोह के दौरान CM पुष्कर से गुफ्तगू करते PM मोदी
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प्रधानमंत्री ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के लाभों का का जिक्र करते हुए कहा कि इससे यात्रा समय और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। ईंधन की भारी बचत होगी। माल ढुलाई शुल्क में भी कमी आएगी। इसके निर्माण में पहले ही 12,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। यह परियोजना रोजगार का एक प्रमुख स्रोत बनकर उभरी है। इससे हजारों इंजीनियरों, श्रमिकों और परिवहन कर्मचारियों को आजीविका मिल रही है। इससे किसानों और पशुपालकों को भी लाभ होगा। उनकी उपज तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर से गुजरने वाला यह गलियारा उत्तर प्रदेश के इन शहरों को भी पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। “यह सिर्फ एक सड़क नहीं है, यह समस्त क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, भंडारण और लॉजिस्टिक्स के नए रास्ते खोलेगी।”
उन्होंने नए एक्सप्रेसवे की पर्यटन क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चार धाम यात्रा मार्ग अब अधिक सुगम्य हो जाएंगे। उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन, शीतकालीन खेलों और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए प्रमुख गंतव्य बनता जा रहा है। आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा करने वालों की संख्या कुछ सौ से बढ़कर 2025 में 36,000 से अधिक हो गई है। शीतकालीन चार धाम यात्रा में भागीदारी 2024 में 80,000 से बढ़कर 2025 में 1.5 लाख से अधिक हो गई है। “पर्यटन बढ़ने से होटल, ढाबे, टैक्सी, होमस्टे, पूरी स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।”
PM मोदी ने एक्सप्रेसवे के हिस्से के रूप में लगभग 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वन्यजीव गलियारे के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि हाथियों सहित पशुओं की आवाजाही में इसके चलते किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी। देवभूमि के पहाड़ों और जंगलों में आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों को इन पवित्र स्थलों को साफ-सुथरा और प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखना चाहिए। अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले पर उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों को इस आयोजन को भव्य, पवित्र और स्वच्छ बनाने में अहम भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने नंदा देवी राजजात यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि “राजजात यात्रा केवल आस्था की यात्रा नहीं है,यह हमारी जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है।”
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे का उल्लेख करते हुए PM ने कहा कि चार दशकों की लंबी प्रतीक्षा के बाद संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि इस पर आगे चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद में एक विशेष बैठक बुलाई गई है। देवभूमि की धरती से सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए उन्होंने उनसे इस संशोधन का समर्थन करने का आग्रह किया ताकि यह कानून 2029 के आम चुनावों से प्रभावी हो सके। उन्होंने कहा, “यह इस देश की हर बहन और बेटी की इच्छा है और हमें सर्वसम्मति से इसे पूरा करना होगा।”
प्रधानमंत्री ने गढ़ी छावनी के ऐतिहासिक स्थल से उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए 1962 के युद्ध में शहीद हुए राइफलमैन जसवंत सिंह रावत जैसे वीर योद्धाओं को याद किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के लिए कई कल्याणकारी उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिनमें वन रैंक वन पेंशन के तहत लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का वितरण, पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य योजना के बजट में 36 प्रतिशत की वृद्धि, 70 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए दवाओं की घर-घर डिलीवरी, बच्चों की शिक्षा अनुदान को दोगुना करना और बेटियों के विवाह सहायता को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करना शामिल है। उन्होंने कहा, “सशस्त्र बलों को सुदृढ़ करना और हमारे सैनिक परिवारों का सम्मान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने एक्सप्रेसवे के उद्घाटन पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूरे देश को हार्दिक बधाई दी।
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सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इससे पहले कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर लंबे छह लेन रोड का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जाएगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जाएगा। इससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में ट्रेफिक जाम की समस्या हल होगी। केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस पर अगस्त तक काम शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। 716 करोड़ की लागत से 12 किमी लम्बा देहरादून – झाझरा – आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी DPR बन रही है।
गडकरी ने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी का कार्य पूरा हो चुका है।इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है। बाकी 100 किमी का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी का काम पूरा हो चुका है। 30 किमी का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्र सरकार सोनप्रयाग – केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।
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—बोले CM PSD,`रफ्ता-रफ्ता का गया दौर-पूरी रफ्तार से Jet Speed से आगे बढ़ रहा है भारत’:राज्य के लिए PM कर हर दौरा विकास की सौगात लाता है’–
–CM पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है। आज का दिन कई मायनों में विशेष है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है। यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। PM मोदी ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया। इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई। हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।
पुष्कर ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ “विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है। देश अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है। अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बन रहे हैं। उन्होंने ये बातें कविता में कही। CM पुष्कर ने PM मोदी को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिहन भेंट किया। आज प्रधानमंत्री ने सम्बोधन की शुरुआत मेरो की खासियत नेपाली भाषा में `मेरो प्यारो दाजू-भाई,दीदी- बैनी,आमा-बाबा सबै लाई मेरो तरफ देखी ढोग दिंछू’ से किया और इस पर देर तक तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती रही। Dakra-Garhi Cantt के Civil Area में नेपाली भाषी गोर्खालियों की तादाद बहुत अधिक है।
समारोह में प्रदेश के राज्यपाल Lt General (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।



