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कुम्भ से पहले तीर्थ नगरी हरिद्वार में पुष्कर Cabinet के अहम फैसले:हल्के-छोटे जुर्म होंगे जुर्म के दर्जे से बाहर:पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक-लिखित इम्तिहान में राहत:उत्तराखंड की मदद के लिए PM मोदी-केंद्र का आभार

विकास-प्रशासनिक सुधार-युवाओं के लिए कई प्रस्ताव लाए और पास किए

Chetan Gurung

हरिद्वार: तीर्थनगरी हरिद्वार में कुम्भ मेले-2027 से पहले CM पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को   मेला नियंत्रण सभागार में आयोजित Cabinet की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के चहुंमुखी विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनहितकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने, प्रशासनिक सुधारों को गति देने तथा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के मकसद से 13 प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

  1. प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के प्रति आभार

राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड के समग्र विकास में विभिन्न क्षेत्रों के अंतर्गत मिल रहे केंद्र सरकार के निरंतर मदद और सहयोग के लिए PM नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। ये अपेक्षा जताई गई की भविष्य में भी राज्य की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से इसी प्रकार निरंतर सहयोग मिलेगा।

  1. श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन को मंजूरी

हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और उसके विस्तार के लिए नई सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके तहत संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिन्दू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र और एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान, संस्कृति तथा आधुनिक शोध को वृहद स्तर पर बढ़ावा देना है।

  1. Local Bodies को परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से मिलने वाले फंड का बड़ा हिस्सा

उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की धारा 49 के अंतर्गत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश व मुद्रीकरण से प्राप्त कुल आय का 92 प्रतिशत हिस्सा सीधे संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस ऐतिहासिक कदम से परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी और राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास को तीव्र गति मिलेगी।

  1. ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस‘ को बढ़ावा देने के लिए जन विश्वास संशोधन विधेयक

प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बेहद सरल बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इस विधेयक के माध्यम से छोटे और मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, छोटी-मोटी तकनीकी व प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए केवल नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रखने तथा कानूनों से अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

  1. बाढ़ संभावित क्षेत्रों के विनियमन के लिए नई नियमावली मंजूर

प्रदेश के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और वहां चल रही विभिन्न विकास गतिविधियों को विधिवत विनियमित करने के लिए ‘उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी गई। इसके अंतर्गत ‘उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012’ के प्रावधानों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली तय की जाएगी। इसका मूल उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक बहाव को अबाध रखते हुए आम जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण अवस्थापनाओं को संभावित बाढ़ आपदाओं से सुरक्षित रखना है।

  1. पंचम विधानसभा के वर्ष-2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने का निर्णय

मंत्रिमण्डल ने उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष- 2026 के तृतीय सत्र को समय पर आहूत करने के प्रस्ताव पर अपनी औपचारिक मुहर लगा दी है। इस आगामी विधानसभा सत्र की सटीक तिथि और स्थान का अंतिम निर्धारण करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

  1. आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप नया अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक

प्रदेशभर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को समय के साथ और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के लिए ‘उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026’ को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह नया विधेयक भारत सरकार के ‘मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019’ के पैटर्न पर तैयार किया गया है। इसके जरिए भविष्य में बढ़ते औद्योगिक विकास, तीव्र नगरीकरण, आपदाओं और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों से निपटने के लिए पुराने कानूनों को पुनरीक्षित कर एक आधुनिक कानून लाया जा रहा है।

  1. सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग‘ के पदों पर क्षैतिज आरक्षण की नई नियमावली

उत्तराखण्ड की राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त हो चुके अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए ‘क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026’ को मंजूरी प्रदान की गई। पूर्व में वर्ष 2025 की नियमावली के तहत 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। अब केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन करते हुए इस नई नियमावली को लाया गया है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में विशेष छूट के प्रावधानों को शामिल किया गया है।

  1. संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में प्रशासनिक संशोधन

उत्तराखण्ड वित्तीय हस्त पुस्तिका खण्ड-1 (वित्तीय अधिकारों का प्रतिनिधायन) के संबंधित प्रावधानों में संशोधन को हरी झंडी दे दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में पूर्व में अंकित ‘निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग’ पद के स्थान पर अब ‘महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखण्ड’ को प्रतिस्थापित किया जाएगा। इस प्रशासनिक बदलाव से विभागीय व्यवस्था के अनुसार वित्तीय अधिकारों का सुचारू और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

  1. स्वजल एवं जल स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को विस्तार

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यरत परियोजना प्रबंधन इकाई (स्वजल) तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत कुल 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च, 2026 से बढ़ाकर 28 फरवरी, 2027 तक प्रभावी रखने की मंजूरी दी गई है। इन स्वीकृत पदों में स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। इन सभी संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह नियमित रूप से वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से किया जाएगा।

  1. हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के मार्ग चौड़ाई में शिथिलता प्रदान

हरिद्वार की भगवानपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम सिसौना में प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र-राज्य की साझा आवास नीति के तहत प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना को बड़ी राहत दी गई है। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाली इस परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित 9 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर, मौके पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की विशेष शिथिलता प्रदान की गई है।

  1. ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन के शासनादेश में खसरा नंबर की त्रुटि दुरुस्त

ऊधमसिंह नगर की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में कुल 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े 10 नवम्बर, 2023 के शासनादेश में अंकित खसरा संख्या की तकनीकी त्रुटि को सुधारने की अनुमति दे दी गई है। इसके तहत शासनादेश में गलती से छपे खसरा नंबर 321/1अ के स्थान पर अब सही खसरा संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी।

  1. ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना‘ को मंजूरी

प्रदेश के असाधारण रूप से साहसी और बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए एक प्रेरणादायक पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना’ को मंजूरी दी गई। इस नई योजना के अंतर्गत अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और विशिष्ट वीरता का परिचय देने वाले मेधावी बच्चों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को उचित प्रोत्साहन देना और समाज के अन्य बच्चों के लिए उन्हें एक जीवंत प्रेरणास्त्रोत बनाना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए दूरदर्शी फैसलों से राज्य में अवस्थापना विकास को नई गति मिलेगी। युवाओं के रोजगार, प्रशासनिक कसावट और जनसुरक्षा के क्षेत्रों में भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में मदन कौशिक,गणेश जोशी,खजानदास,प्रदीप बत्रा,सुबोध उनियाल,धन सिंह रावत,सौरव बहुगुणा,राम सिंह कैड़ा के साथ ही मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन,RK सुधांशु,प्रमुख सचिव R मीनाक्षी सुंदरम,सचिव (गोपन) शैलेश बगौली और विनय शंकर पांडे मौजूद थे।

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