
Chetan Gurung
देहरादून: उत्तराखंड राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु ने उत्तराखंड में भूमि के Mutation of Title (दाखिल-खारिज) के मामलों की समीक्षा करने के दौरान हिदायत दी कि CM पुष्कर सिंह धामी की अपेक्षाओं और निर्देशों के मुताबिक इनको तय समय सीमा में निबटा दिया जाए। उन्होंने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के कामकाज की समीक्षा के दौरान सभी Districts के असिस्टेंट कलेक्टर- प्रथम श्रेणी, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों के राजस्व न्यायिक कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।
रंजना ने निर्देश दिए कि नामांतरण (Title of Mutation) से जुड़े मामलों का नियमों के अनुसार और गुण-दोष के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी पीठासीन अधिकारी राजस्व न्यायालयों का कार्य नियमानुसार अंजाम दें। सरकार के इस फैसले के लागू होने से लोगों को निस्संदेश बहुत राहत मिलेगी।
सचिव और आयुक्त ने राजस्व न्यायालयों के अभिलेखों और आवश्यक पंजीकाओं को नियमित रूप से Update रखने के निर्देश दिए। निस्तारित मामलों की पत्रावलियों को समय से रिकॉर्ड रूम में जमा कराने को कहा। अपील की स्थिति में मूल पत्रावलियां अपीलीय न्यायालय को समय पर मिल सकें, इसको सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने न्यायालयों से जारी सम्मन की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रंजना ने हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को ले के इस मामले में विशेष जोर दिया। राजस्व परिषद आगामी माह से प्रदेश भर में ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रदेश की सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में संयुक्त संचालक (चकबंदी) नरेश चन्द्र दुर्गापाल, उप राजस्व आयुक्त मीनाक्षी पटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) नितिन वशिष्ठ और प्रदेश के सभी अपर जिलाधिकारी उपस्थित रहे।



