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Big News::बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा-दान धांधली!!CM पुष्कर ने भौंहें टेढ़ी की तो बैठ गई High Level जांच-Action शुरू:PA प्रमोद नौटियाल Suspend

जांच समिति शासन को सौंपेगी Report:Commissioner आनंद स्वरूप समिति के प्रमुख

Chetan Gurung

बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित धांधली और अनियमितताओं की शिकायतों एवं प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाते हुए CM पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आज 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया गया। समिति के अध्यक्ष Commissioner (गढ़वाल) आनंद स्वरूप को बनाया गया है। आज ही अनुशासनहीनता पर BKTC के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को Suspend कर दिया गया। समिति में प्रबंध निदेशक-NHM संदीप तिवारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य होंगे।

CM पुष्कर सिंह धामी


Dhiraj Garbyal (Secretary-Tourism)

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बद्रीनाथ धाम से जुड़ी भ्रष्टाचार-दान-चढ़ावा चोरी की शिकायतें छन-छन के बाहर आने से मुख्यमंत्री PSD बेहद खफा हैं। उन्होंने इस बाबत अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं कि कोई भी दोषी या जिम्मेदार बख्शे न जाएँ। इसके बाद शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। सचिव (पर्यटन) धीराज सिंह गर्ब्याल की तरफ से दान-चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के लिए High Power Committee गठित कर दी गई।

आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी। समिति 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को सौंप देगी। जांच के दौरान समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी।

समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझाव सरकार को देगी।

–BKTC में अनुशासनहीनता पर बड़ा Action–

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अनुशासन एवं प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के मद्देनजर आज एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक (PA) प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

समिति के आदेश के अनुसार नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। 3 जुलाई 2026 को इस बाबत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।

BKTC जांच समिति को प्रमोद की तरफ से दी गई सफाई और जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर पहली नजर में आरोप की पुष्टि हुई। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित हो सकती है।

इन्हीं तथ्यों को दृष्टिगत जांच की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमोद नौटियाल पर सख्त फौरी कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उन्हें BKTC  कार्यालय, जोशीमठ (चमोली) से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

उन पर ये भी शर्त लगाई गई है कि वे जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही में अपेक्षित सहयोग देंगे। BKTC ने स्पष्ट किया है कि समिति प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है।  किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

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