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Big Breaking:: Pushkar Cabinet के बड़े फैसले:कुम्भ कार्यों के लिए मेलाधिकारी को 1 Cr-आयुक्त को 5 Cr तक की Power:250 बसों की खरीद-PWD के JE पद के लिए दिव्यांगों के लिए साल-2023 से पद रिक्ति के फैसले को मंजूरी:Acid Attack पीड़ित को भी मुफ्त कानूनी मदद

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी की सदारत में आज सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अहम फैसलों की बौछार हुई। हरिद्वार कुम्भ मेले-2027 के निर्माण कार्यों में रफ्तार लाने के लिए मेलाधिकारी को 1 करोड़ और मंडलायुक्त को 5 करोड़ रूपये तक की मंजूरी की शक्तियाँ दी गई। PWD के JE पदों पर दिव्यांगों के रिक्त पद साल-2023 से माने जाएंगे। परिवहन विभाग को 250 बसों की खरीद की मंजूरी दी गई। और भी कई बड़े फैसले बैठक में लिए गए॥

–ये फैसले मंत्रिमंडल ने लिए–

1.परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को को अनुमोदन। परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण के मुताबिक अब पुलिस विभाग के चालकों सरीखी प्रवर्तन चालकों की भी वर्दी तय।

  1. कुम्भ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में होने वाले स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों को मेलाधिकारी,5 करोड़ रूपये तक के कार्यों को आयुक्त (गढ़वाल मंडल) और 5 करोड़ रूपये से अधिक के कार्यों को पूर्व की भांति शासन मंजूरी देगा।
  2. उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन को मंजूरी। सैनिकों से संबंधित बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में नामित होंगे। विधिक सेवा प्राधिकरण से दी जाने वाली निःशुल्क सेवा के अन्तर्गत Acid Attack पीड़ित को भी शामिल करने का फैसला।
  3. औद्योगिक विकास विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए पूर्व में खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी की दर ₹7 प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल का फैसला।
  4. पूर्व में पारित आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत VAT की दरों का निर्धारण किया गया था। आबकारी नीति के अनुसार ही वाणिज्य कर विभाग अपनी नियमावली में 6 प्रतिशत वैट की दरों के संशोधन का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
  5. परिवहन विभाग को 250 बसें खरीदने की मंजूरी।
  6. परिवहन विभाग को पूर्व में शासन से 100 बस खरीदने की अनुमति दी गई थी। GST के रेट 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते अब परिवहन विभाग को 100 की जगह 109 बस खरीदने की अनुमति दी गई।
  7. 8.उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 के संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।

वन दरोगा के पद के लिए शैक्षिक अर्हता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक किए जाने तथा वन दरोगा की आयु सीमा को 21 वर्ष 35 वर्ष करने एवं वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से अधिकतम 25 वर्ष किए जाने के प्रस्ताव को मंजूर किया गया। इस संबंध में कार्मिक विभाग के वर्दीधारी नियमावली के अनुबन्ध भी लागू रहेंगे।

9अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत अक्टूबर 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया गया था। इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता एवं संस्थानों की शैक्षिक उत्कृष्टता को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने एवं अन्य कार्यों की व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था में कक्षा 1 से कक्षा 12 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेने का प्रावधान किया गया था।

राज्य में 452 मदरसे हैं। इनमें लगभग 400 से अधिक में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की ही पढ़ाई कराई जाती है। इन मदरसों के अनुरोध एवं उनकी सुविधा के लिए कक्षा 1 से 8 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति/शासन से निर्धारित सक्षम अधिकारी   निर्धारित करेंगे।  कक्षा 9 से 12 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी। इस व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव को पास किया गया। अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में अध्यादेश लाने का भी अनुमोदन प्रदान किया गया।

  1. कार्मिक विभाग के अन्तर्गत विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है। इसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। भविष्य के लिए SoP बनेगी। सभी विभागों और आयोगों को इसके संबंध में स्पष्टता सुनिश्चित हो सकेगी। इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया।

11.सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका रजनीश कुमार पांडे व अन्य बनाम भारत सरकार में 28 अक्टूबर, 2021 को निर्णय पारित हुआ था। जिसके क्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की तरफ से साल 2022 में माध्यमिक स्तर के लिए विशेष शिक्षा शिक्षकों की शैक्षिक अर्हताएं तय की गई थी। उसी के अनुसार विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर भर्ती की खातिर उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली में शैक्षिक योग्यताएं रखी गई है। इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूर कर लिया।

  1. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी। पूर्व में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक के कुल 62 पद सृजित किए गए थे। उनकी सेवा नियमावली प्रख्यापित नहीं की गई थी। इसके कारण अध्यापकों के प्रमोशन आदि प्रभावित हो रहे थे।
  2. लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत साल-2023 में 2010 पदों पर JE की भर्ती हुई थी। इसमें दिव्यांग श्रेणी के 7 पदों पर भर्ती की जानी थी। उस समय उस कैटेगरी के लोग नहीं मिल पाने की वजह से सामान्य श्रेणी से उनकी भर्ती की गई थी। उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार दिव्यांगजनों के पदों को 2023 से ही रिक्त रखना था। यह पद रिक्त नहीं रखे जा सके। उनको साल-2023 से ही सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  3. पूर्व में 1 जनवरी, 2026 को मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा और विधिमान्य अधिनियम के संबंध में 16 जनवरी, 2026 को वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन दिए जाने एवं उनकी सेवा की गणना के संबंध में शासनादेश हुए थे। इसके बाद कई कार्मिक उच्च न्यायालय गए थे। HC ने स्थगन आदेश जारी किए थे। Stay Order को बैठक में पेश किया गया।
  4. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली, 2025 के अंतर्गत सूचीबद्ध ‘डी‘ श्रेणी के ठेकेदारों के लिए टेंडर सीमा 1 करोड़ रूपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रूपये करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने हरी झंडी दिखाई।
  5. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रम में पूर्व में सरकारी कॉलेज के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। उच्च शिक्षा विभाग में वर्तमान में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों ऐसे हैं, जहां नियमित प्राचार्य हैं। ऐसे महाविद्यालयों में भी मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना लागू करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अनुमति दी।
  6. वन क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित मौन पालन की नीति को स्वीकृति मिली। प्रदेश में लोगों की आर्थिकी में वृद्धि करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं मानव और हाथी संघर्ष को कम करने तथा वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना को देखते हुए उत्तराखंड वन सीमांत मौनपालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव हाथी संघर्ष न्यूनीकरण नीति को Cabinet के सम्मुख पेश किया गया था।

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