
Chetan Gurung
आला नौकरशाहों की Cabinet समझी जाने वाली Committee of Secretaries की बैठक में Chief Secretary आनन्द बर्द्धन सोमवार को अगले साल ऐन विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित होने वाले कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की रिपोर्ट लेने के साथ ही इससे संबंधित कार्यों के शासनादेश (GOs) CM पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के मुताबिक फौरन जारी करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि मेले से जुड़े निर्माण कार्यों को समय से पूरा किया जाए।

CM पुष्कर सिंह धामी-न कुम्भ कार्यों में देरी हो न बिजली आपूर्ति में कमी आए
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मुख्य सचिव ने जंगल की आग के बाबत ताजा रिपोर्ट लेते हुए कहा कि forest fire के संबंध में रिस्पांस टाइम कम करने के लगातार प्रयास किए जाएं। इस कार्य में वरिष्ठ अधिकारियों की जिला वार Duty लगाई जाए। वरिष्ठ अधिकारियों के Field में रहने से स्थिति में सुधार आएगा। जानबूझ कर जंगलों में आग लगाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
Commercial LPG गैस आपूर्ति पर सभी DMs को निर्देश दिए कि मांग और आपूर्ति पर लगातार नज़र रखते हुए कालाबाजारी रोकने की खातिर सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव RK सुधांशु, L फ़ैनई, डॉ R मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, चंद्रेश कुमार यादव, श्रीधर बाबू अद्दांकी, रविनाथ रामन, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान, आनंद स्वरूप, डॉ.अहमद इकबाल उपस्थित थे।
—UPCL को ताकीद,`मई-जून में बिजली Supply का बंदोबस्त अभी कर लें’–
मुख्य सचिव ने आसमान से इस बार बरस रही आग सरीखी गर्मी के मद्देनजर मई एवं जून में बिजली की Supply में कोई कसर न रखने के निर्देश UPCL अफसरों को देते हुए Extra बिजली का बंदबस्त करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने के लीले कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं।
UPCL की तरफ से इस बाबत प्रस्तुतीकरण दिया गया। सूरते हाल ये है कि देश भर में Heat Wave के कारण विद्युत मांग में तीव्र वृद्धि हुई है। अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की सीमित उपलब्धता से राज्य के गैस आधारित संयंत्रों से उत्पादन प्रभावित हुआ है। नदियों के जल स्तर में कमी के कारण जल विद्युत उत्पादन भी गिरा है। चालू वित्तीय वर्ष में औसतन लगभग 5% की विद्युत मांग वृद्धि दर्ज की जा रही है।
उपभोक्ता इंडक्शन कुकर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग कर रहे हैं। 50 से 100 मेगावाट तक का Load इसके चलते System पर आया है। Peak Hours में दबाव और बढ़ा है।
देश भर में भीषण गर्मी एवं हीट वेव के कारण विद्युत मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है। 24 अप्रैल 2026 को भारत की अधिकतम विद्युत मांग लगभग 252 गीगावाट दर्ज की गई। पिछले वर्ष जून-2025 में यह मांग लगभग 242 गीगावाट रही थी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह मांग 270 से 277 गीगावाट तक पहुँचने का अनुमान है। उत्तराखण्ड में भी 24 अप्रैल 2028 को अधिकतम मांग 2646 मेगावाट तथा 25 अप्रैल 2026 को 2647 मेगावाट दर्ज की गई है।
देश के 40 से अधिक शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। उत्तर एवं मध्य भारत में सामान्य से अधिक तापमान के कारण घरेलू एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में एयर कंडीशनर, कूलर एवं अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में तीव्र वृद्धि हुई है। इस अत्यधिक मांग के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पीक आवर्स के दौरान विद्युत की उपलब्धता सीमित हो रही है। ऊर्जा एक्सचेंज में अधिकतम निर्धारित दर ₹10 प्रति यूनिट पर भी पर्याप्त विद्युत उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
UPCL विजली की Advance खरीद, कुशल लोड प्रबंधन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा ग्रिड समन्वय के माध्यम से विद्युत आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने पर Focus रख रही है। भारत सरकार ने केन्द्रीय पूल से अतिरिक्त 150 मेगावाट विद्युत उपलब्ध कराने का आश्वासन उत्तराखंड को दिया है। ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से अग्रिम रूप से विद्युत क्रय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
बैठक में प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डॉ R मीनाक्षी सुंदरम, MD (UJVNL)-MD (UPCL) के साथ मुख्य अभियंता (वाणिज्य) NS बिष्ट, अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) नवीन मिश्रा तथा मैसर्स मार्काडोज से आकाश शर्मा उपस्थित रहे।



