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खबरदार!कूड़ा फैलाने से बचें:ड्रोन रखेगा नजर:घोड़े-खच्चरों की लीद से लिया जाएगा काम:बायोमास ऊर्जा बनेगी:यात्रा मार्ग पर Water ATM-RO लगाए जाएंगे:money back योजना प्रदेश में लागू:CM पुष्कर ने दी सख्त हिदायतें

Chetan Gurung

CM पुष्कर सिंह धामी ने 4 धाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह Water ATM स्थापित करने और RO Plant सुविधा देने के साथ ही उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी है जो कूड़ा फैलाते पाए जाएंगे या जिम्मेदार होंगे। प्लास्टिक वेस्ट के लिए “मनी बैक” योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए Plastic Waste Management को आवश्यक कर दिया गया है।  मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा 2026 को प्लास्टिक मुक्त बनाने के के लिए मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में तय हुआ कि यात्रा रूट पर पड़ने वाले ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगी। इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है।

श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है। 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। Extra पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है। छोटे-बड़े वाहनों के लिए हजारों पार्किंग स्थल Identify किए गए हैं।  वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के लिए होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं आश्रमों में लगभग 28,395 कमरे तथा 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं। आधुनिक मशीनों के माध्यम से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है। DMs एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड मार्ग को Plastic Free करने की ज़िम्मेदारी संभालेंगे। क्रियान्वित करेंगे। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद का वैल्यू एडिशन करते हुए पिरूल के साथ पैलेट तैयार करने के लिए कहा गया है। इसका एक इनोवेटिव व्यवस्था के तहत प्रबंधन किया जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ठंडे पानी के स्थान पर शीघ्र ही 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित गीज़रों के सहारे की जाएगी। यह देश का पहला प्रयोग है, जहां इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में मंत्री राम सिंह कैड़ा (Virtual), सचिव (शहरी विकास)नितेश झा, सचिव (पर्यटन) धीरज गर्ब्याल, सचिव (पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण) मधुकर पराग धकाते, विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी(रुद्रप्रयाग) (वर्चुअल), गौरव कुमार (जिलाधिकारी), चमोली (वर्चुअल), प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी (वर्चुअल), मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार (वर्चुअल), तथा सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून (वर्चुअल)  और CDO अभिनव शाह उपस्थित रहे।

 

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