4 धाम यात्रा-2 Monsoon-खराब मौसम के चलते अधिक चुनौती पूर्ण:अफसर पहले से करें सभी बंदोबस्त:CM पुष्कर ने समीक्षा बैठक में आला अफसरों-DMs-SSPs को दिए सख्त निर्देश:यात्रा मार्गों पर ढाबों-रेस्तरां में Rate List Display करना ही होगा
यात्रियों को अधिक सुरक्षित-सुगम बनाएँ:सभी महकमे बेहतर तालमेल से करें काम-मुख्यमंत्री

Chetan Gurung
बद्रीनाथ और केदारनाथ समेत 4 धामों की यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए श्रेष्ठ व्यवस्था को बनाए रखने के लिए CM पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में समीक्षा बैठक में आला अफसरों को हिदायत दी कि चार धाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। महकमों में बेहतर समन्वय और सुव्यवस्थित प्रबंधन के जरिये लोगों की यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।


मुख्यमंत्री ने चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात को ही अनुमति दी जाए। दिन में ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया एवं प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए। जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
CM PSD ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। पुलिस, प्रशासन एवं यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अफसर और कर्मचारी श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सहयोगात्मक रहें।
सार्वजनिक सूचना प्रणाली , LED Display, Social Media,Whatsapp चैनल एवं FM रेडियो के माध्यम से लगातार ताजी स्थिति के बाबत जानकारी और सूचनाएं प्रसारित की जाएं। उन्होंने कहा कि मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव, यातायात जाम अथवा दर्शन में विलंब जैसी परिस्थितियों की जानकारी भी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है। अब Monsoon और खराब मौसम प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। संवेदनशील स्थलों पर JCB, पोकलेन मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस एवं राहत-बचाव उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर ने गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप एवं IG-गढ़वाल राजीव स्वरूप को यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी DMs और SSPs को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने,यात्रा मार्गों पर होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मंत्री सतपाल महाराज, भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर मौजूद थे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव RK सुधांशु, सचिव शैलेश बगौलीडॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से विधायक सुरेश चौहान, आशा नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे



