क्या बात है!Helpline में शिकायत मिली और मौके पर ही जा धमके CM पुष्कर:जिसने शिकायत की उससे मिले:CS को फौरन कार्यवाही की हिदायत दी:सचिव-DMs-HoDs के बिना फोर्स क्लोज पर लगाई रोक
मुख्यमंत्री के अंदाज को देख सकते-सांसत में दिखे बड़े नौकरशाह

Chetan Gurung
Tiles और बिछाई गई Cable को ले के Helpline-1905 पर शिकायत मिली तो CM पुष्कर सिंह धामी तूफानी रफ्तार से तत्काल राजपुर रोड (Jahkhan) पहुँच गए और वहीं से Chief Secretary आनंदबर्द्धन तथा अन्य अफसरों को फोन कर धड़ाधड़ हिदायतें दे डालीं कि फौरन जरूरी कदम उठाए जाएँ। लगे हाथों ये भी निर्देश दिए कि CM Helpline में मिली शिकायतों पर 30 दिनों के भीतर Action ले लिया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाएं। फोर्स क्लोज़ बिना DMs-HoDs और सचिव के न किया जाए। PSD के अंदाज को देख VC के जरिये जुड़े आला नौकरशाहों का खून सूखा रहा और वे सांसत में नजर आए।

PSD आज सचिवालय में CM Helpline-1905 की समीक्षा कर रहे थे और तभी उनका ध्यान राजपुर रोड से आई शिकायत पर गया। मौके पर वह शिकायत करने वाले विवेक मदान से मिले। इलाके अन्य लोग सरकार के मुखिया को जांच करने खुद मौके पर पहुंचा देख पहले तो हैरान हुए फिर उनसे मिल के कुछ समस्या रखी तो कुछ सरकार के कामकाज की तारीफ़ें की। मुख्यमंत्री ने Video Call मिला के मुख्य सचिव को जरूरी कार्यवाही करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना पर्याप्त कार्यवाही किए यदि कोई अधिकारी शिकायत को फोर्स क्लोज करता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि CM Helpline-1905 सिर्फ Telephone Number नहीं है। ये लोगों की उम्मीदों और विश्वास का जरिया है। इसमें आई हर शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए। शासन के अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनको जल्द निबटाया जाए। इसमें दर्ज शिकायतों को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्यक्ष शिकायत के तौर पर लिया जाए।
CM ने निर्देश दिए कि DM स्तर पर प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिव स्तर पर माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जाए।शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनका फीडबैक प्राप्त किया जाए। ग्रीष्म कालीन शिकायतों में प्रमुख रूप से पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास एवं गृह विभाग से संबंधित शिकायतें शामिल रही हैं।जन शिकायतों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। उत्तरकाशी और चम्पावत बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अधिकतम शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से वार्ता कर उनकी सराहना की। उन्हें सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग, उत्तरकाशी में कार्यरत अधिशासी अभियंता मनोज गुसाई और ऊर्जा विभाग, पौड़ी में कार्यरत अधिशासी अभियंता अभिनव रावत से बात कर उनके प्रयासों की तारीफ की। शिकायत करते हुए बीना ढींगरा ने बताया कि वह मार्च 2023 में सहायक अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुई थी। उन्हें NPS पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2 दिन के भीतर उनकी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार के तरुण सिंह ने पानी निकासी की समस्या उठाई। मुख्यमंत्री ने VC के माध्यम से जुड़े हरिद्वार के DM मयूर दीक्षित को तुरंत समस्या के समाधान के निर्देश दिए। बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रुहेला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैन्नई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर बैठक में थे।
सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ पंकज कुमार पांडे, चंद्रेश यादव, एसएन पाण्डेय, रंजीत सिन्हा, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, रंजना राजगुरू, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव आलोक पांडे, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं समस्त जनपदों से जिलाधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।



