
Chetan Gurung
प्रदेश के ख्यातिनाम और वरिष्ठ लेखकों-साहित्यकारों के साथ CM पुष्कर सिंह धामी ने आज सियासत और अन्य मुद्दों से इतर CM Camp Office सभागार में संवाद कर उनको विश्वास दिलाया कि साहित्य और लेखन को सरकार प्रोत्साहन देने में कसर नहीं छोड़ेगी। साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी लिखी पुस्तकें भेंट कीं। उन्होंने युवाओं और नई पीढ़ी में लेखन और साहित्य में रुचि उत्पन्न करने की जरूरत जताई। मुख्यमंत्री ने खुद गोल मेज के इर्द-गिर्द बैठे रचनाकारों के साथ कदम बढ़ाए। उनके साथ बैठे। किसी के साथ खड़े-खड़े बात की।




मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से अलग-अलग मिल के बात और चर्चा की। उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक चेतना के संवर्द्धन में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुष्कर ने कहा कि उत्तराखण्ड महर्षि वेदव्यास सहित अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं कर्मभूमि रही है। इस पावन भूमि ने ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। राज्य सरकार उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे एवं अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य कर रही है।
PSD ने कहा कि उत्तराखण्ड को साहित्यिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। साहित्यकारों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2022 में ‘उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान’ तथा वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ प्रारम्भ किए गए हैं। हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन संचालित ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री ने अपना सहयोग प्रदान किया।
उन्होंने ‘लेखकों से संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव रणवीर सिंह चौहान, नैनीताल के DM ललित मोहन रयाल भी मौजूद थे।
साहित्यकार सुधा रानी पांडे, आलोक बिहारी लाल, बुद्धिनाथ मिश्रा, प्रेम कुमार साहिल, शिव मोहन सिंह, नेहा नेगी, रूपा सोनी, प्रभा पंत, रूबी गुप्ता, रणधीर कुमार अरोड़ा सहित अन्य साहित्यकार भी इस मौके पर उपस्थित रहे।



