योग ने तोड़ी जाति-धर्म-भाषा-भूगोल की सरहद-CM पुष्कर:ऋषिकेश में International Yoga Festival का आगाज

Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी ने आज International Yoga महोत्सव का आगाज करते हुए कहा कि भारत की पुण्य भूमि से निकली प्राचीन और महान विधा योग को आज दुनिया के करोड़ों लोग अपना रहे। योग शारीरिक व्यायाम भर न हो के मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान है। इससे आत्मिक शांति भी मिलती है।



उन्होंने कहा कि आज तनाव, अवसाद और जीवनशैली जनित रोगों से जूझ रही दुनिया योग “Natural Healing System” के तौर पर आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान कर रहा है। योगासन और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन को तनावमुक्त किया जा सकता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि भी होती है।
PSD ने कहा कि योग ने जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का कार्य किया है। सही मायने में “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के संदेश को विश्वभर में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में रखा था। आज 180 से अधिक देशों में योग का व्यापक अभ्यास हो रहा है।
CM पुशकर ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की नैसर्गिक सुंदरता और शुद्ध वातावरण योग साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसको देखते हुए ही राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए देश की पहली “योग नीति 2025” लागू की है।
उन्होंने बताया कि योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा शोध कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। 5 नए योग हब स्थापित किए जा रहे हैं । सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। आयुष वेलनेस सेंटर एवं नेचुरोपैथी केंद्रों को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।
PSD ने कहा कि प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं। प्रत्येक जनपद में 50 एवं 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों की तरफ से आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। ‘उत्तराखंड आयुष नीति’ के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध एवं औषधीय पौधों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
CM पुशकर ने कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में एक-एक ‘Spiritual Economic Zone’ की स्थापना के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित योगाचार्य अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा कर रहे हैं। जो बहुत अहम है।
उन्होंने परमार्थ निकेतन की तारीफ करते हुए कहा कि वह पिछले 80 वर्षों से भारतीय संस्कृति, योग और अध्यात्म के माध्यम से विश्व को जोड़ने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन से स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती, गायक कैलाश खेर, विभिन्न देशों से आए योगाचार्य, योग प्रशिक्षक तथा पर्यटक उपस्थित रहे|



