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तकनीक को BIS मानकों से जोड़ने पर Graphic Era University में शुरू 2 दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने उद्यमिता में मानकों की भूमिका, नई तकनीकों के प्रयोग और गुणवत्ता मानकों की अहमियत पर प्रकाश डाला।
आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में मानक आधारित तकनीकी नवाचार विषय पर आयोजित कार्यशाला में कुलपति नरपिंदर सिंह ने कहा कि समय के साथ ज्ञान को अपडेट करना आवश्यक है।कंपनियां उन युवाओं को अवसर देती है जो नवीनतम तकनीकी नवाचारों से परिचित होते हैं।
उन्होंने कहा कि शोध पत्र नई तकनीक को समझने और तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून के निदेशक सौरभ तिवारी ने कहा कि नवाचार और तकनीक के साथ मानकों का समन्वय भारत में उद्यमिता के तेज विकास का सेतु बन सकता है।
अशोक लेलैंड के सीनियर मैनेजर, राघवेंद्र लाल ने कहा कि बड़े पैमाने पर उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मानक, तकनीक और नवाचार का समन्वय आवश्यक है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को उद्यमिता में मानकों की समझ, गुणवत्ता मानकों के महत्व और स्टार्टअप व शोध की जानकारी दी जाएगी।
कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, यूकॉस्ट और बीआईएस ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में IIT रुड़की की प्रोफेसर डॉ अनुराग कुलश्रेष्ठ, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के हेड डॉ कपिल शर्मा, डॉ देशबंधु सिंह, डॉ राकेश चंदमाल शर्मा शामिल हुए।


