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Big Breaking::CM पुष्कर ने बतौर FM पेश किया 1.11 लाख करोड़ का ऐतिहासिक Budget:विकसित उत्तराखंड-विकसित भारत के लिए अहम साबित होगा बजट:Surplus Budget में देवभूमि के विकास-कल्याण को तवज्जो:महिलाओं समेत सभी तबके का ख्याल

Chetan Gurung

बतौर Finance Minister आज CM पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैण (चमोली) के भराड़ीसैण में विधानसभा के Budget Session के पहले दिन सदन के पटल पर वर्ष 2026–27 का तकरीबन ₹1,11,703.21 करोड़ रूपये का ऐतिहासिक Budget (सरकार का हिसाब-किताब) पेश किया जो साल 2025-26 के मुक़ाबले 10.41 फीसदी अधिक है। बजट में विकास की गति को बढ़ाने पर जोर दिया गया और मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी दिखाई गई। Governor Lt General (Ret) गुरमीत सिंह ने बजट अभिभाषण दे के सत्र की औपचारिक शुरुआत की। सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर ने राज्यपाल के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से शिष्टाचार भेंट की। Morning Walk पर भी गए। लोगों और सत्र की तैयारियों में जुटे कर्मचारियों से मिले। तिरंगे को राज्यपाल-Speaker के साथ विधानसभा परिसर में सलामी दी।

Budget अभिभाषण देते राज्यपाल Lt General (ret) गुरमीत सिंह

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बजट में वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए FRBM अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। बजट के अनुसार राज्य में राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) की स्थिति बनी हुई है। जो दर्शाता है कि सरकार की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है। यह स्थिति किसी भी राज्य की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत मानी जाती है। बजट में 2536.33 करोड़ रूपये का राजस्व सरप्लस दिखाया गया है।

 

राजकोषीय अनुशासन के तहत राज्य का राजकोषीय घाटा GSDP के 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया है। लोक ऋण भी GSDP के 32.50 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अंदर बनाए रखा गया है।

 

मुख्यमंत्री PSD ने कहा कि ₹1.11 लाख करोड़ का संतुलित बजट विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।  गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर खास तौर पर बजट में फोकस रखा गया है। विकास और विरासत के संतुलन का रोडमैप बनाया गया है। ये बजट “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 14,500 करोड़ रुपये था। जो अब बढ़कर लगभग 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य की आर्थिकी में 26 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2000-01 में 15,285 रुपये थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,73,921 रुपये होने का अनुमान है। पिछले वर्ष की तुलना में राज्य की वास्तविक विकास दर 7.23 प्रतिशत अनुमानित है। ये राष्ट्रीय औसत के आसपास है।

बजट में कुल 1,11,703 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है। इसमें 64,989 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 18,153 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल हैं। कुल प्राप्तियां 1,10,143 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। केंद्र सरकार से मिलने वाले करों में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 17,415 करोड़ रुपये तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत लगभग 18,491 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी।

CM ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 1,327 करोड़ रुपये, अन्नपूर्ति योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298 करोड़ रुपये तथा शहरी आवास योजना के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए शिक्षा और खेल के क्षेत्र में 11,871 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए 586 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में 1,113 करोड़ रुपये, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

Budget में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और नन्दा गौरा योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए 2,501 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 1,609 करोड़ रुपये तथा लघु सिंचाई के लिए 1,642 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की जा रही है। कुंभ मेला तैयारियों के लिए लगभग 1,027 करोड़ रुपये, साइबर सुरक्षा के लिए 15 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18.5 करोड़ रुपये, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व उभरती तकनीकों के लिए 13 करोड़ रुपये शामिल हैं। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, ट्राउट मछली पालन, सेब नर्सरी विकास, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना और महक क्रांति जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर ने कहा कि इस बजट का मूल मंत्र SANTULAN है। इसका अर्थ है – समावेशी, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव और शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था। सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण के संतुलन के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है। यह बजट वास्तव में “विकल्प रहित संकल्प से विकसित उत्तराखंड तक की यात्रा का दस्तावेज” है।

मुख्यमंत्री पुष्कर ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प GYAN मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है। सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

–*गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान*–

गरीब वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए ₹298.35 करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए ₹56.12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास के लिए ₹25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए ₹42 करोड़ तथा रसोई गैस पर अनुदान के लिए ₹43.03 करोड़ रखे गए हैं।

दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए ₹167.05 करोड़ तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

–*युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास*–

प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाओं को मजबूती दी गई है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60 करोड़, पलायन रोकथाम योजना के लिए ₹10 करोड़ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए ₹62.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है। गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता के लिए ₹155.38 करोड़, शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए ₹10 करोड़ तथा मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए ₹10 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

–*किसानों की आय बढ़ाने पर जोर*–

किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए ₹39.90 करोड़, मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़, दुग्ध उत्पादकों के प्रोत्साहन के लिए ₹32 करोड़ तथा दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए ₹42.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए ₹160.13 करोड़, मिलेट मिशन के लिए ₹12 करोड़ तथा किसान पेंशन योजना के लिए ₹12.06 करोड़ भी निर्धारित किए गए हैं।

–*महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता*–

महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। नंदा गौरा योजना के लिए ₹220 करोड़, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए ₹47.78 करोड़ और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना, महिला पोषण योजना, आंचल अमृत योजना और स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण जैसी योजनाओं के लिए भी बजट रखा गया है।

–मातृशक्ति की बेहतरी पर बजट में संजीदगी दिखी:पोषण-सुरक्षा सुनिश्चित करने की गंभीर कोशिश–

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन बाद और बजट सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार ने मातृ शक्ति को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उनकी बेहतरी के लिए वह संजीदा है। महिला समानता के लिहाज से महत्वपूर्ण जेंडर बजट का आकार बढ़ाने की बात हो या फिर विभिन्न ऐसी योजनाएं, जो महिलाओं से सीधे जुड़ी हैं, उनके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।

पिछले वर्ष सोलह हजार नौ सौ इकसठ करोड़ बत्तीस लाख रूपये का जेंडर बजट प्र्रस्तुत किया था। इस बार जेंडर बजटिंग में उन्नीस हजार छह सौ बयानवे करोड़ रूपये का प्रावधान किया जा रहा है। प्रसूता को सीधे एड्रेस करने वाली ईजा-बोई शगुन योजना हो या बेटियों को सुरक्षा देने वाला निर्भया फंड, सभी के लिए बजट प्रावधान कर यह भरोसा दिलाया है कि नारी शक्ति का हित उसकी प्राथमिकता में है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना, निराक्षित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान जैसी योजनाओं के लिए भी विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।

–निर्भया फंड-112 . 02 करोड़–

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना-30 करोड़

मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना-25 करोड़

वात्सल्य योजना-15 करोड़

मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना-13 .44 करोड़

ईजा-बोई शगुन योजना-14 .13 करोड़

निराक्षित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान-पांच करोड़

मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि-आठ करोड़

आपदा सखी-दो करोड़

–*मां-बच्चे के पोषण के प्रति भी गंभीरता*–

-सक्षम आंगनबाड़ी एंड पोषण 2 .0 योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने 598 . 33 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इस योजना के तहत छह माह से लेकर छह वर्ष तक के लगभग सात लाख तैंतीस हजार लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों से दिया जा रहा है। बच्चे के साथ ही मां के पोषण का ख्याल रखते हुए चलाई जा रही प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए समग्र रूप से लगभग 149 .45 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।

–*आठ मूल मंत्रों से संतुलन*–

वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जो बजट पेश किया, उसमें आठ मूल मंत्रों को केंद्र में रखकर संतुलन साधा गया है। ये मूल मंत्र अंग्रेजी में संतुलन शब्द को सामने रखकर बने हैं।  जिसके एक-एक अक्षर में गहरे अर्थ समाहित हैं।

संतुलन के पहले अक्षर S से समावेशी विकास, A से आत्मनिर्भरता, N से नई सोच और T से तीव्र विकास की परिकल्पना को पेश किया गया है। U अक्षर की जब बात की गई है, तो उसमें उत्तराखंड के उन्नत गांव एवं शहरों को ध्यान में रखा गया है। L से लोकसहभागिता,A से आर्थिक विकास और N से न्यायपूर्ण व्यवस्था की परिकल्पना प्रकट की गई है।

–*संतुलन (SANTULAN) समावेशी विकास (s)*–

* सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में समग्र रूप से लगभग  1327.73 करोड़ रूपये।

* अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के लिए 600.00 करोड़ रूपये।

* सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के लिए समग्र रूप से लगभग 598.33 करोड़ रूपये।

*EWS आवासों के लिए अनुदान के अन्तर्गत 25.00 करोड़ रूपये।

* राज्य खाद्यान्न योजना के अन्तर्गत रू 25.00 करोड़।

* प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए समग्र रूप से लगभग रु 149.45 करोड़ रूपये।

* मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए रु 30.00 करोड़

* मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए रु 15.00 करोड़ ।

* राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना के लिए समग्र रूप से लगभग रु 14.13 करोड़ ।

* मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए लगभग रु 13.44 करोड़।

* मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए रु 15.00 करोड़।

* मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि रु 8.00 करोड़।

* पशुपालन विभाग के अन्तर्गत स्वरोजगार परक व लाभार्थीपरक योजना के लिए लगभग रु 42.02 करोड़।

* समग्र रूप से मिशन एप्पल के लिए रु 42.00 करोड़।

* ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए लगभग रु 39.90 करोड़

* उच्च मूल्य वाले फलों (कीवी, ड्रेगन फ्रूट आदि) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगभग रु 30.70 करोड़।

* राज्य में चाय विकास योजना के लिए लगभग रु 25.93 करोड़।

* सगन्ध पौधा केन्द्र को अनुदान एवं सगन्ध पौधों के कलस्टर विकास के लिए लगभग रु 24.75 करोड़।

* फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु रु 20.00 करोड़।

* प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए रु 75.00 करोड़।

* मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए रु 60.00 करोड़।

* प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट, स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए रु 30.00 करोड़।

* स्टार्ट अप वेंचर फंड हेतु रु 25.00 करोड़।

* मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाईल नीति के तहत अनुदान के लिए रु 25.00 करोड़।

* इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से रु 18.50 करोड़।

* हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना रु 10.00 करोड़।

* ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना रु 10.00 करोड़ ।

* सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं हेतु रु 10.00 करोड़।

* संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए रू 28.00 करोड़।

* खनन सर्विलांस योजना के अन्तर्गत रू 24.50 करोड़।

* विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत छात्रवृति हेतु रु 15.00 करोड़।

* उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत छात्रवृति के लिए रु 15.00 करोड़।

* खेल विभाग के अंतर्गत छात्रवृति के लिए लगभग रु 13.50 करोड़।

* उद्यमिता, कौशल एवं नवाचार योजना के अन्तर्गत लगभग रु 7.11 करोड़।

* राजकीय महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय की स्थापना के लिए रु 7.00 करोड़।

* “लैब ऑन व्हील्स” योजना के लिए रु 4.00 करोड़।

* राज्य डॉटा सेंटर सुदृढ़ीकरण के लिए समग्र रूप से रू 65.00 करोड़।

* सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना के अन्तर्गत लगभग रु 47.50 करोड़।

* पहाड़ी शहर में नगर निकायों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने हेतु रु 30.00 करोड़।

* साइबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन के लिए रु 15.00 करोड़।

* इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं ए०आई० (सी०ओ०ई०) के क्रियान्वयन के लिए लगभग रु 11.50 करोड़।

* शहरी क्षेत्रों में पैदल मार्ग अवसंरचना के अन्तर्गत रु 10.00 करोड़।

* विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अन्तर्गत रू 6.71 करोड़।

* पैक्स के कम्प्यूटरीकरण के लिए लगभग रु 5.67 करोड़।

* जनपदों में केंद्रीकृत रिकॉर्ड रूम के अन्तर्गत रु 10.00 करोड़।

* यूनीफार्म सिविल कोड के अन्तर्गत रुपये रु 5.00 करोड़।

* PMGSY के अन्तर्गत पूंजीगत मद में रु 1050.00 करोड।

* गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए रु 400.00 करोड़।

* नागरिक उड्डयन विभाग के अन्तर्गत समग्र रूप से पूंजीगत मद में लगभग रु 52.50 करोड़।

* नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए रू 25.00 करोड़।

* विकसित भारत – जी राम जी के लिए समग्र रूप से लगभग रु 705.25 करोड़।

* ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत समग्र रूप से पूंजीगत मद में रू 1642.20 करोड़।

* वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के लिए रु 40.00 करोड़।

* शहरी निकायों के लिए समग्र रूप से रुपये रू 1814.00 करोड़ एवं पंचायती राज संस्थाओं के लिए रू  1491.00 करोड़।

* आवास विकास विभाग के अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए रु 130.00 करोड़।

* नगरीय अवस्थापना के सुदृढ़ीकरण के लिए रु 60.00 करोड़।

* राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी का सुदृढ़ीकरण/आईटीडीए को अनुदान-रू 25.00 करोड़।

* राज्य डाटा सेंटर सुदृढीकरण – रू 40.00 करोड़।

* AI मिशन के क्रियान्वयन के लिए SPV का गठन- रू 25.00 करोड़।

* विज्ञान केंद्र चंपावत- रू 10.00 करोड़

* रिस्पना बिंदाल की एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग- रु 350.00 करोड़।

* टिहरी रिंग रोड परियोजना- रु 10.00 करोड़।

* प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- रु 1050.00 करोड़।

* स्टार्ट अप वेंचर फंड- रू 25.00 करोड़।

* प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए- रु 75.00 करोड़।

* मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाईल नीति के तहत अनुदान के लिए- रु 25.00 करोड़।

* इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से- रु 18.50 करोड़।

* प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट, स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए- रु 30.00 करोड़

* मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- रु 60.00 करोड़।

* पुलिस आवास – रु 100.00 करोड़।

* इण्डिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना- रु 10.00 करोड़।

* स्टेट डिजास्टर रिस्पोन्स फोर्स-रु 10.00 करोड़।

* आन्तरिक सुरक्षा के लिए केन्द्रीय पुलिस बल को भुगतान- रु 2.50 करोड़।

* जेलों का निर्माण / भूमि क्रय- रू 25.00 करोड़।

* कारागार के लिए आवासीय भवनों का निर्माण – रु 10.00 करोड़।

* उत्तराखण्ड न्यायिक एवं विधिक अकादमी- रू 6.96 करोड़।

* रेप एंड पोक्सो एक्ट के लंबित प्रकरणों के लिए फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट – रू 3.42 करोड़।


मुख्यमंत्री पुष्कर ने सुबह भरारीसैण में MLA सुरेश गड़िया संग सैर की। Gym में जा के कसरत की। सत्र की तैयारियों में जुटे कर्मचारियों से मिल के उनसे बातें की। Governor गुरमीत और Speaker ऋतु के साथ ही नेता विपक्ष Congress के यशपाल आर्य से मुलाक़ात कर उनको गुलदस्ता भेंट किया।

 

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