संत-महात्माओं-धर्मगुरुओं की भूमिका राष्ट्र निर्माण-संस्कृति संरक्षण में अहम-CM पुष्कर ने संत सम्मेलन में कहा,`संत परंपरा विश्व को जोड़ती है’

Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में सप्तऋषि आश्रम में संत सम्मेलन में कहा कि संत-महात्मा, धर्मगुरु एवं श्रद्धालुओं की भूमिका राष्ट्र और संस्कृति के लिए बेहद अमूल्य रहा है। सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। PSD ने कनखल में शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।






उन्होंने कहा कि संत परंपरा किसी एक पंथ या संप्रदाय तक सीमित न होकर वसुधैव कुटुंबकम के भाव से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य करती है। सनातन धर्म मानव निर्मित नहीं, बल्कि शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है। ये समय के साथ चलता है। कभी पराजित नहीं होता। राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है।

PSD ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की स्थापना की गई है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है।
CM पुष्कर ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण तथा बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान कार्य भारत को फिर विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में PM मोदी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव,जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा,बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी सम्बोधन किया।



