
Chetan Gurung
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में सचिवालय सेवा के पूर्व अफसर रमेश चन्द्र लोहनी की लिखी पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन करने के दौरान कहा कि किसी भी व्यवस्था को सुचारू, सरल और त्वरित रूप से चलाने के लिए अफसरों-कर्मचारियों को सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं का ज्ञान आवश्यक है।

उन्होंने लोहनी की किताब की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य बनने के बाद ऐसी पुस्तक की बेहद जरूरत थी। किताब में सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में मिलना वाकई सरकारी कार्मिकों के लिए बेहद लाभदायक साबित होंगे। यह अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है।
उन्होंने कहा कि जब कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है, किसी किसान, महिला, युवा या बुजुर्ग तक सरकारी योजना का लाभ पहुँचाता है, तब वो वास्तव में राष्ट्रसेवा ही कर रहा होता है। एक लोकसेवक के लिए केवल ईमानदारी ही पर्याप्त नहीं है। नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अनुभव किया है कि कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं, जो नियमों की आत्मा को समझते हैं। वे नियमों को बाधा नहीं बनने देते। इसके बजाए उन्हीं नियमों के भीतर जनहित का रास्ता खोज लेते हैं। शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना ही नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं।
लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सरकारी सेवाओं में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों एवं शासनादेशों तथा उच्चतम-उच्च न्यायालयों के अहम सिद्धांतों को ध्यान में रखा गया है। इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, GB ओली, रमेशचन्द्र शर्मा, हन्सादत्त पाण्डेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तड़ागी सहित Publisher रणधीर अरोड़ा भी उपस्थित रहे।



