
Chetan Gurung
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को महेंद्र ग्राउंड पर वीर गोरखा कल्याण समिति के सालाना `गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026’ में अपने मंत्रिमंडल सहयोगी सतपाल महाराज,गोर्खा कल्याण परिषद अध्यक्ष ज्योति कोटिया और उपाध्यक्ष अभिषेक शाही के साथ शरीक हुए तथा कहा कि गोरखा समाज उत्तराखंड ही नहीं पूरे भारतवर्ष का गौरव है। गोर्खालियों की वीरता-शौर्य और राष्ट्रभक्ति देश के लिए गर्व का विषय है। महोत्सव के आखिरी दिन हजारों लोग तब मस्ती में झूम उठे जब नेपाल से आईं विख्यात लोक गायिका शांता रानी परियार ने बेहद लोकप्रिय गीत `मा त ढले-ढले,सेवली बाजार,पोखरा पृथ्वी चौक मा’ पेश किया और श्याम राना मगर ने Comedy के साथ `हो कि होइना’ गाने को अपने अंदाज में गया।







CM पुष्कर ने महोत्सव की खुल के तारीफ करते हुए कहा कि यह आयोजन गोरखा समाज की गौरवशाली संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। दशैं का पर्व मां दुर्गा की आराधना के साथ अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। दीपावली अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। ये दोनों पर्व समाज को सत्य, न्याय, सदाचार, प्रेम और आपसी सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी विरासत को संरक्षित रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने वीर गोरखा कल्याण समिति के प्रयासों की खुल के सराहना की।

शांता रानी परियार के गानों ने लोगों को झूमा डाला
———–
PSD ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में गोरखा वीरों ने सदैव अद्वितीय साहस, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया है। गोरखा समाज का आदर्श वाक्य “कायर हुनुभन्दा मर्नु राम्रो” अर्थात कायर बनकर जीने से बेहतर वीरता के साथ प्राण न्योछावर करना, उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान की भावना को अभिव्यक्त करता है। गोरखा समाज ने देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उत्तराखंड के निर्माण और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा, खेल, कला, साहित्य और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने उत्तराखंड की प्रगति में गोरखा समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की विकास यात्रा में इस समाज की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहेगी। मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के पारंपरिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। ये गहरे सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव पर आधारित हैं। भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का आत्मीय संबंध सदियों से कायम है।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ और अब खटीमा से आने के कारण उन्होंने स्वयं बचपन से ही दोनों देशों के बीच साझा संस्कृति, पारिवारिक संबंधों और आपसी आत्मीयता को अत्यधिक करीब और अपनेपन के साथ महसूस किया है। राज्य सरकार गोरखा समाज के सर्वांगीण विकास, उसकी भाषा, कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में नेपाली भाषा के अध्ययन के लिए डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नेपाली भाषा और साहित्य को प्रोत्साहित करने की खातिर नेपाली अकादमी को उत्तराखंड भाषा संस्थान के दायरे में लाने की पहल की गई है।
CM पुष्कर ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एवं पारिवारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं तथा आवागमन के साधनों का विस्तार करना भी केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। भारत-नेपाल सीमा पर महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना जलविद्युत उत्पादन, सिंचाई और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में छारछुम पुल परियोजना के माध्यम से दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवागमन और व्यापारिक संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बनबसा में लगभग 368 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से एकीकृत चेक पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में ड्राई पोर्ट विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर सितारगंज-टनकपुर मार्ग से बनबसा स्थित भारत-नेपाल सीमा तक लगभग 246 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से चार लेन कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। इस अवसर पर वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा,सचिव विशाल थापा,टेकु थापा मगर भी उपस्थित रहे।
हर साल इस मेले का हर तबके-बोली-भाषा बोलने वाले बेसब्री से इंतजार करते हैं। आम और खास हर किस्म के लोगों का प्रमुख आकर्षण होना,इसकी खासियत है। बच्चे,युवा और किशोर-पुरुष-महिला सभी को आयोजनों का लुत्फ लेते और झूमते देखा जा सकता है। बाहरी तथा महंगे Artists बुलाए जाने के बावजूद दर्शकों के लिए Free Entry और Free Parking की सुविधा भी इसकी USP है। इस बार महोत्सव इस कदर कामयाब रहा कि आयोजकों के पास Stall की कमी पड़ गई थी और अधिकांश Stall लगाने वाले मुनासिब दर पर कारोबार कर के भी अच्छा कमाने में सफल रहे।
आज जब मंच पर शांता रानी और श्याम राना Show कर रहे थे, उनके गानों पर हुजूम न सिर्फ झूम उठा बल्कि कलाकारों की दावत पर वे Stage पर उनके साथ खुल के नाचते रहे। कलाकारों ने उनका साथ जम कर दिया। नन्हें बच्चे तक झूमते-नाचते देखे जा सकते थे। कलाकारों को ज्योति कोटिया,DSO और महाराणा प्रताप Sports College की Principal शबाली गुरुंग,Table Tennis Federation of India के Vice President,उत्तराखंड के President Journalist चेतन गुरुंग,पार्षद,सुमेन्द्र बोहरा,सारिका प्रधान ने Prize बांटे।



