अंतरराष्ट्रीयउत्तराखंडदेशमनोरंजनयूथराष्ट्रीयशिक्षा

Grafest-26 का धमाकेदार आगाज:पहले दिन उल्लास-उमंग-मस्ती में झूमते रहे Students:Chairman कमल घनशाला ने कहा,`बेहतरीन पेशेवर संग शानदार इंसान बनना जरूरी’

ऑटो-कॉम-2026 का भी आगाज:GEHU में International Seminar में दिग्गज Experts के व्याख्यान

Chetan Gurung

देहरादून:Graphic Era के ‘Student Grafest-2026’ का आज धमाकेदार आगाज़ होते ही Campus में जोश और ऊर्जा-उमंग का संगम सुर-ताल की स्वर लहरियों के साथ नजर आया। गानों, डांस और रैप की ऐसी धूम पहले ही दिन युवा कलाकारों ने मचाई कि शाम को यादगार हो गई।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में चारों तरफ रौनक और खुशी-उल्लास का बाजार सजा दिखाई दे रहा था।  कहीं सुरों की गूंज कानों में बह रही थी तो कहीं थिरकते कदमों की आवाज थी। तालियों के शोर और धमाल ने धूम मचाए रखा। कार्यक्रम की शुरुआत सोलो सिंगिंग (वेस्टर्न) प्रतियोगिता से हुई। मान्या, वखाइल, शौर्या डोगरा, अनाया डोनेगन और अंशिका शर्मा ने वेस्टर्न धुनों पर सभी को देर तक बांधे रखा।

Solo Dance (वेस्टर्न/फ्रीस्टाइल) में भव्या देशवाल, कृतिका, ओम राजपूत, कनु शर्मा और गौरव सिंह रावत ने खूबसूरती प्रस्तुति से समां बांध दिया। क्लासिकल/फोक केटेगरी में भव्या मित्तल, पीयूष राणा, अनुभा कंडपाल, रिद्धिमा नेगी और ईशानी भारद्वाज की भाव-भंगिमाओं ने सभी को हैरान कर डाला। ग्रुप डांस के वेस्टर्न/फ्रीस्टाइल केटेगरी में ज़ेनिथ, क्रू इन्क्रेडिबल्स, डी-डायनामिक्स, फ्लो कैटलिस्ट्स और द ट्रॉन्स ने गज़ब का माहौल बनाया। क्लासिकल/फोक केटेगरी में टीम रामैलोचा, वेधा, नटरंग, साधना रंगमंच और देहरादून भांगड़ा क्लब ने परंपराओं के रंग बिखेरकर माहौल को सांस्कृतिक उत्सव में बदल दिया।

Graphic Era Group of Institutions के Chairman डॉ कमल घनशाला ने इस मौके पर कहा कि ग्राफेस्ट का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कुशल प्रोफेशनल बनाने के साथ ही बेहतरीन इंसान भी बनाना है। विभिन्न प्रकार की संस्कृतियों से रूबरू होने, टीम भावना, अनुशासन और मंचीय प्रतिभा का विकास ऐसे आयोजनों से संभव है।  विभिन्न स्पर्धाएं भावी प्रोफेशनल्स को व्यवहारिक समझ और सामाजिक सरोकारों से जोड़ती है। विवि के VC डॉ नरपिंदर सिंह,  प्रो-वीसी डॉ संतोष एस सर्राफ कुलसचिव डॉ नरेश कुमार शर्मा भी इस मौके पर मौजूद थे।


–ग्राफिक एरा में ऑटो-कॉम 2026 शुरू–

ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने कहा कि ऑटोमेशन और कंप्यूटेशन का बढ़ता तालमेल न केवल काम करने के पारंपरिक तरीकों को बदल रहा है बल्कि भविष्य की तकनीकों के विकास के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आज से ऑटोमेशन और कंप्यूटेशन पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ऑटो-कॉम 2026’ शुरू हो गया है। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि IIT-मंडी के डायरेक्टर  प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा ज्ञान और विज्ञान का ऐसा विशाल भंडार है, जिसकी संभावनाएं असीमित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को केवल अतीत की धरोहर मानने के बजाए आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर भविष्य की खोजों का आधार बनाना चाहिए।

IRDE (DRDO) के वैज्ञानिक डा. सुधीर खरे और NIT-कर्नाटक के प्रोफेसर डा. शशिधर जी. कोलगुडी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। ऑटो-कॉम में आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों में 150 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने किया।

सम्मेलन में यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डा. ज्योति छाबड़ा के साथ कन्वीनर डा. विक्रांत शर्मा और डा. अमित गुप्ता, पुरुषोत्तम दास अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button