
Chetan Gurung
Monsoon के तेजी पकड़ने और दैवीय आपदा के बढ़ते खतरे से निबटने के लिए CM पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने आवास पर बैठक में अफसरों को साफ लफ्जों में चेता डाला कि अवाम की सुरक्षा और सहूलियत सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसमें आपदा या अन्य सामान्य दिनों में भी किसी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।


राज्य के सभी जिलों से अतिवृष्टि, मानसून की स्थिति, चार धाम यात्रा, डेंगू की रोकथाम तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ बैठक-बैठक न करें। खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा ले के जरूरी कदम फौरन उठाएँ। हर अधिकारी चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहे। जिले में होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय एवं राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
PSD ने सभी DMs से सड़कों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, चारधाम यात्रा मार्गों, यात्रियों की संख्या तथा विभिन्न धामों में व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। ये निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में JCB, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण तथा तकनीकी दल तैनात किए जाएं। सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में GPS एवं आधुनिक संचार प्रणाली का प्रभावी उपयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में NDRF,SDRF,Police, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण बिजली, पेयजल अथवा संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो उनकी बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्थानों पर पहुंचाया जाए। आवश्यकता पर हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए हेली सेवा उपलब्ध रहनी चाहिए।
डेंगू को रोकने के लिए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, युवा मंडलों, महिला समूहों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पिछले वर्ष स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हों। उनकी ताजा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से शासन एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
PSD ने अल्मोड़ा नगर में संचालित मास्टर प्लान के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में की जाए। घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे। जिन विभागों में कार्यों की गति धीमी है, वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करें।
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की तारीफ में कहा कि इस कार्यक्रम ने सरकार और जनता के बीच संवाद को और अधिक मजबूत किया है। इस अभियान का तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप और अधिक प्रभावी तरीके से प्रारंभ किया जाएगा। प्रत्येक शिविर का परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। आमजन को यह महसूस होना चाहिए कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंची है।
CM पुष्कर ने कहा कि जनता के प्रति अफसरों का उत्तरदायी बनना ही सुशासन की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में एम्बुलेंस सेवाएं, जीवनरक्षक दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरण तथा आपातकालीन संसाधन पूरी तरह तैयार रहें। स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने अल्टिमेटम दिया कि वह खुद भी जन सेवाओं के लिए चलाए जा रहे दूरभाष नंबर पर संपर्क कर व्यवस्थाओं की जांच करते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए “गोल्डन ऑवर” का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, ग्राम प्रधानों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों तथा सामाजिक संगठनों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें।
बैठक में मंत्री मदन कौशिक एवं सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिल्ला, सचिव विनोद कुमार सुमन, विनय शंकर पांडे, राजधानी के जिलाधिकारी आशीष चौहान, SSP प्रमेन्द्र डोभाल अपर सचिव बंशीधर तिवारी, विनीत कुमार उपस्थित थे। वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल, नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।



