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सड़कों-पुलों-इमारतों की जांच Graphic Era में भी हो सकेगी

Graphic Era के Doctors दूरस्थ गांवों में ईलाज को पहुंचे

Chetan Gurung

सड़कों, पुलों और इमारतों में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच अब Graphic Era University में भी होगी। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज  (NABL) ने इसके लिए उसको मान्यता दी है।

NABL ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को ISO/IEC17025:2017  सर्टिफिकेट जारी करके जनरल रिक्वायरमेंट्स फॉर द कॉम्पिटेंस ऑफ टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज का दर्जा दिया है। जांच का कार्य ग्राफिक एरा की मैटेरियल्स टेस्टिंग लैब करेगी। लैब आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों से सज्जित है।

यहाँ कंक्रीट, मिट्टी, स्टील, सीमेंट, ईट एग्रीगेट्स और बिट्यूमेन जैसी निर्माण सामग्री की जांच की जा सकती है। नॉन डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। ग्राफिक एरा के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग की इस लैब में NABL के मानकों के अनुसार जांच करने और सटीक रिपोर्ट देने के लिए पर्याप्त टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध है।

–दूरस्थ इलाकों में ईलाज-जांच को पहुंचे ग्राफिक एरा के डॉक्टर–

Graphic Era के Mobile Hospital की एक Unit ने रुद्रप्रयाग के जगतोली दशज्युला गांव में शिविर लगाकर 81 मरीजों की जांच कर नि:शुल्क दवाई दी। गांव के लोगों ने बताया कि गांव का सबसे नज़दीकी अस्पताल 52 किलोमीटर दूर था। जिसके लिए उन्हें काफी लंबा सफर तय करना पड़ता था।

 

गांव में जब ग्राफिक एरा का सचल चिकित्सा दल पहुंचा तो गांव वाले इस कदर खुश हुए कि उन्होंने समारोह का आयोजन किया। इस मेडिकल टीम में चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रत्नेश पाठक, ऑप्टोमेट्रिस्ट सूरज मिश्रा, फार्मासिस्ट भरत भूषण, लेब तकनीशियन आशीष नेगी शामिल रहे।

 

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