कैंची धाम बाइपास Tourist Season से पहले पूरा करें-CM पुष्कर:मौके पर लिया जायजा:Traffic Jam से मिलेगी निजात:Tourists-श्रमिकों से मिले

Chetan Gurung
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल की कैंची धाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना का मौके पर निरीक्षण किया और इसको जल्द पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने PWD अफसरों को ताकीद की कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित करें। DM ललित मोहन रयाल और SSP मंजूनाथ TC भी उनके साथ थे।




मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाईपास का निर्माण होने से ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थाई समाधान संभव होगा।
लोक निर्माण विभाग के SE मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने बताया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाई पास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉट मिक्स किया जा चुका है। इस पर 12 करोड़ रुपये का खर्च आया। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग का निर्माण होना है। जो चल रहा है।
बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी बनाया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।
PSD ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क एवं इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उनके कल्याण और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बर्फबारी देखने पहुंचे पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा की। दायित्वधारी अनिल डब्बू भी मुख्यमंत्री के साथ थे।



