
Chetan Gurung
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह‘ में उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।





समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है, जिसमें उनके शिक्षकों और अभिभावकों का भी अहम योगदान है।
उन्होंने वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल का परीक्षाफल 92.10 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11 प्रतिशत रहने को सराहनीय उपलब्धि करार दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उन्होंने एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता होने के साथ ही महान विचारक और शिक्षाविद् बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और व्यावहारिक बनाया जा रहा है।
CM ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत 12वीं उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम व सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में NCERT की पुस्तकें अनिवार्य करने के साथ प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक सविता कपूर, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नमामि बंसल उपस्थित रहे।



