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दुनिया के बाजार के लिए तैयार होंगे उत्तराखंड के युवा:खोले जाएंगे नौकरी-स्वरोजगार के नए विकल्प:विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा:पुष्कर सरकार की अहम योजना:CS आनंदबर्द्धन की जरूरी कदम उठाने की हिदायतें

Chetan Gurung

देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जाएगा। उनके लिए स्वरोजगार व नौकरी के नए रास्ते खोले जाएंगे। CM पुष्कर सिंह धामी की हिदायत पर सरकार ने इस दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनन्दबर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में प्रदेश के युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने का व्यापक निर्णय लिया गया। उनके लिए स्वरोजगार और नौकरी के बेहतर विकल्प तैयार किए जाएंगे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक व्यापक कौशल विकास योजना के रूप में विकसित किया जाए। इसका लाभ स्कूली विद्यार्थियों, ITI छात्रों, चिकित्सा एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं के साथ-साथ अन्य इच्छुक व्यक्तियों को भी मिलना चाहिए। इसके लिए कार्मिक एवं वित्त विभाग को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

योजना के तहत कौशल विकास एवं सेवायोजन कार्यालय के वर्तमान में देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में चल रहे विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाया जाएगा। उनको अब प्रदेश भर में लागू किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें कौशल विकास विभाग के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में संचालित केंद्र भी शामिल होंगे।

शिक्षा विभाग को सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों और राजीव नवोदय विद्यालयों में अंग्रेजी के अलावा अन्य विदेशी भाषाओं के शिक्षण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र दिलाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इन कार्यक्रमों के संचालन के लिए दून विश्वविद्यालय से विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की सेवाएं ली जाएंगी।

प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को शैक्षणिक क्रेडिट या अन्य प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी की जाएगी।विशेष रूप से नर्सिंग क्षेत्र के युवाओं के लिए यह पहल बेहद उपयोगी साबित होगी। सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लगभग 600 युवाओं के पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे वे विदेशों में भी बेहतर रोजगार के अवसरों से जुड़ सकेंगे। बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और अपर सचिव मनुज गोयल उपस्थित रहे।

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