
Chetan Gurung
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के ग्राम औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में प्रथम ‘पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम्’ के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत की प्राचीन गुरुकुल व्यवस्था हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण का आधार रही है। पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् में आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलना सोने पर सुहागा होगा। इससे युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे और भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार भी रह सकेंगे।




मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल और नवाचार पर विशेष बल दिया गया है। इसको उत्तराखंड में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। भारतीय दर्शन और संस्कृति के शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘हिंदू अध्ययन केंद्र’ स्थापित किया गया है। वैज्ञानिक गतिविधियों और शोध को गति देने के लिए देहरादून में देश की पांचवीं ‘साइंस सिटी’ विकसित की जा रही है।


पुष्कर ने दोहराया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को पर्यटन के साथ-साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ बैठ के हवन कार्यक्रम में शिरकत की तथा गुरुकुलम भवन निर्माण का शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल उपस्थित रहे।



