उत्तराखंडदेशराजनीतिराष्ट्रीय

Well Done::फंसे 2 कार्की भाइयों की रूस से वतन-घर वापसी:97 दिनों से पिथौरागढ़ में परिवार की साँसे अटकी हुई थी:घर लौटने पर आनंद-भूपेंद्र ने फोन पर CM पुष्कर का जताया आभार

रोजगार का झांसा देकर ट्रैवल एजेंसी ने भेजा था रूस:परिजनों ने मुख्यमंत्री को कहा-Thank You

Chetan Gurung

यूक्रेन के साथ जंग में उलझे रूस में 97 दिनों से फंसे कार्की भाइयों आनंद सिंह और भूपेन्द्र सिंह CM पुष्कर सिंह धामी की कोशिशों से वतन और अपने घर-परिवार के बीच लौटे। दोनों ने फोन पर मुख्यमंत्री का सकुशल वापिस लौट आ पाने के लिए आभार जताया। उनके परिवार के लोगों ने भी सरकार के मुखिया को धन्यवाद किया।  कुछ साल पहले अफगानिस्तान से तकरीबन 250 गोरखाली तथा अन्य युवाओं को तालिबान हुकूमत की वापसी पर वहाँ घिर जाने पर सुरक्षित लाने का कारनामा भी PSD कर चुके हैं।

CM पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर का Video Call पर आभार करते कार्की भाइयों के परिवार के लोग

———-

दोनों भाइयों की सकुशल वापसी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर ने उनसे फोन पर बात कर उनकी कुशलता जानी। दोनों युवकों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली। लंबे समय बाद दोनों बेटों के सुरक्षित घर लौटने पर परिवार ने राहत व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के संवेदनशील हस्तक्षेप एवं त्वरित प्रयासों के लिए आभार जताया। दोनों भाइयों को सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी ने विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा दिया गया था।

परिवार का आरोप है कि रोजगार के नाम पर उनसे करीब ₹8 लाख लिए गए। इसके बाद दोनों भाइयों को रूस भेज दिया गया। दोनों 5 मई 2026 को भारत से रवाना हुए। 6 मई को मॉस्को पहुंचे। परिजनों के अनुसार, रूस पहुंचने के बाद उन्हें उस कार्य में नहीं लगाया गया। इसके बजाए उनसे उनकी इच्छा के विपरीत अन्य कार्य कराए गए। उसका पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया।

परिवार के मुताबिक, दोनों युवकों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति भी नहीं थी। कार्य करने से मना करने पर उन्हें धमकाया जाता था। लंबे समय तक नियमित संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती गई। अंतिम संपर्क के दौरान युवकों ने जिस परिसर में उन्हें रखा गया था, उसके आसपास ड्रोन अथवा मिसाइल हमले की जानकारी परिवार को दी थी। इससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई।

CM पुष्कर को जब मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने गंभीरता दिखाई और संबंधित अधिकारियों को दोनों युवकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय एवं रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क और समन्वय स्थापित कर आखिर दोनों भाइयों की सुरक्षित वापसी करा दी।

PSD ने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी नागरिक दुनिया के किसी भी हिस्से में संकट में हो, राज्य सरकार उसकी सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय एवं संबंधित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करती है। दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयासों में UKD के काशी सिंह ऐरी एवं समाजसेवी रामदेव वर्मा ने भी परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।

कुछ साल पहले CM पुष्कर इससे बड़ी कामयाबी तब पाने में सफल रहे थे, जब राज्य के तकरीबन 250 युवा अफगानिस्तान में फंस गए थे। उस वक्त वहाँ अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान हुकूमत में आ गए थे। तब जिंदगी और मौत में घिरे देहरादून और अन्य शहरों के युवाओं को सकुशल वापिस लाने के लिए बहुत बड़ा अभियान मुख्यमंत्री ने PM नरेंद्र मोदी-HM अमित शाह की मदद से चलाया था। इनमें अधिकांश नेपाली मूल के गोरखाली युवा थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button