
Chetan Gurung
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को संविधान हत्या दिवस पर आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों (लोकतंत्र सेनानियों) एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। तत्कालीन सरकार ने सत्ता बचाने के लिए नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया। प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया। संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया।




मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, साहस और संघर्ष के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था फिर स्थापित हो सकी। आपातकाल के दौरान मूल अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।
उन्होंने कहा किअंत्योदय, राष्ट्र प्रथम तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के आधार पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
CM पुष्कर ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान-पत्र भी जारी किए गए हैं। लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मंत्री गणेश जोशी,खजान दास, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।



