अंतरराष्ट्रीयउत्तराखंडदेशराजनीतिराष्ट्रीय

राम माधव के प्रभारी बनने से और रफ्तार हासिल करेंगे CM पुष्कर!दुष्यंत को हटा के BJP ने Assembly Elections से पहले खेला बड़ा दांव!

Chetan Gurung

विवादों में घिरे दुष्यंत गौतम की जगह राम माधव को उत्तराखंड BJP के प्रभारी की कमान सौंपने से CM पुष्कर सिंह धामी को Assembly Elections-2027 में ख़ासी मदद मिलेगी। नए प्रभारी के आने से चुनावों में BJP कम से कम इस सवाल के जवाब देने से फारिग हो गई है कि दुष्यंत को अभी तक हटाया क्यों नहीं गया। राम को उत्साही समझा जाता है। मुख्यमंत्री PSD की तेज रफ्तार के साथ कदमताल कर पार्टी को चुनाव और बाद में भी ऊर्जावान बनाए रखने में वह बहुत अहम साबित हो सकते हैं।

CM पुष्कर सिंह धामी


Arvind Menon


Bansuri Swaraj

————

राम माधव के साथ ही बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह प्रभारी के तौर पर देवभूमि की ज़िम्मेदारी सौंप कर PM नरेंद्र मोदी-HM अमित शाह और पार्टी प्रमुख नितिन नबीन ने पुष्कर के हाथ मजबूत कर उनको सियासी चुनावों के मामले में सफलता का बेहतरीन प्रतिशत और पारस पत्थर की छवि-प्रतिष्ठा को कायम रखने के लिए शानदार अवसर दिया है। पुष्कर को आला कमान न सिर्फ परिश्रमी और दूर दर्शी बल्कि BJP के लिए Lucky Charm के तौर पर भी देखता है।

उत्तराखंड में साल-2022 में अप्रत्याशित रूप से हारी बाजी मोदी-शाह की छाया में ऐतिहासिक तौर पर जितवाने वाले PSD ने फिर बाद में लोकसभा चुनाव-2024 में भी गज़ब का नतीजा देते हुए सभी 5 बेशकीमती सीटें BJP की झोली में डाल दिखाई। ये तब हुआ जब UP सरीखी राज्य में पार्टी को गहरा धक्का सहना पड़ा। पुष्कर को पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए अन्य राज्यों में भी खूब भेजा है। जहां उन्होंने प्रचार किया,उनमें से 95 फीसदी सीटों पर कमल खिल उठा।

दुष्यंत के उत्तराखंड प्रभारी रहते BJP और मुख्यमंत्री को भी अधिकांश मौकों पर दिक्कतों और असहज हालातों से दो-चार होना पड़ता था। अंकिता भण्डारी की मौत के मामले में पुष्कर ने सभी आरोपियों को जेल भेज के सजा दिलाने में पलक झपकने भर की भी देरी नहीं लगाई थी। इसके बावजूद सरकार और बीजेपी पर दुष्यंत को ले के विपक्षियों और Media के हमले गाहे-बागाहे होते रहते थे। उनको उत्तराखंड से हटा के BJP ने अगले साल के शुरू में होने वाले Assembly Elections से पहले एक कांटा पहले ही निकाल लिया।

दुष्यंत को हटा के राम माधव और अरविंद-बांसुरी (सुषमा स्वराज की बेटी) को युवा और जोशीले-ऊर्जा से भरपूर पुष्कर के साथ काम करने के लिए भेजने का सियासी लाभ BJP को पहले से अधिक मिल सकता है। राम माधव पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के ओहदे को भी संभाल रहे हैं। उनको अति शिक्षित और पार्टी के Think Tanks में शुमार किया जाता है। CM पुष्कर ने राम माधव के साथ ही अरविंद और बांसुरी को उत्तराखंड में काम करने का मौका मिलने पर बधाई देने के साथ ही उम्मीद जताई कि Booth Level तक अब संगठन और मजबूत हो सकेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button