उत्तराखंडदेशराष्ट्रीय

10 हजार युवाओं को मुफ्त Coaching:आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भी नौकरियों के लिए कर सकेंगे मजबूत तैयारी:General-Advance Coaching मिल सकेंगी:विकसित उत्तराखंड के लिए Deadline का ख्याल रखें:महकमों-Experts Opinion को तवज्जो दें

CS आनंदबर्द्धन की Coaching standard को ऊंचा रखने की हिदायत:मेधावियों को 6 साल वाली Advance Coaching की भी सुविधा

Chetan Gurung

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सचिवालय सभागार में कमजोर वर्गों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की  Free Coaching की योजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि ये General-Advance दोनों स्तर पर हों और Coaching Standard ऊंचा हो।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि Free Coaching Scheme की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो। प्रतियोगियों का चयन स्क्रीनिंग के माध्यम से किया जाए। प्रतियोगियों की सुविधा के अनुरूप तैयारी का Time Management किया जाए। मुफ्त प्रशिक्षण के नाम पर किसी भी तरह की खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। इसका नतीजा जरुर निकलना चाहिए।

निदेशक (शिक्षा) डॉ मुकुल कुमार सती ने बताया कि इस  वर्ष 10 हजार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निःशुल्क कोचिंग दी जानी है। कक्षा 11 में अध्ययनरत प्रतियोगियों को 2 वर्ष की कोचिंग दी जाएगी।  12वीं पास करने वाले प्रतियोगियों को एक वर्ष की कोचिंग दी जाएगी।

Coaching अलग-अलग स्ट्रीम (Arts-Science-Commerce) के मुताबिक जाएगी। लगभग सभी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। मेधावी प्रतियोगियों को 6 वर्ष की Advance Coaching भी दी जाएगी। बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनुज गोयल उपस्थित थे।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साल-2047 तक विकसित उत्तराखण्ड राज्य बनाने के लिए CPPGG (सेंटर फार पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेस) और SIETU (स्टेट इंस्टीट्यूट फार एम्पावररिंग एण्ड ट्रांसफार्मिग) से संबंधित अधिकारियों को समीक्षा बैठक में तय नीतियों और निर्णयों पर फौरन अमल करने की हिदायत दी। सेतु आयोग के Members\ ने Presentation दिया।

मुख्य सचिव ने Centre और आयोग अधिकारियों को विभिन्न आयामों के मानक और इंडिकेटर्स तय करने के निर्देश दिए। साथ ही इन बेंचमार्क और इंडीकेटरर्स को संबंधित विभागीय सचिवों से साझा करते हुए इस संबंध में प्राप्त होने वाले सुझावों को भी प्लान मे शामिल करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि Plan में स्थानीय निकायों और पंचायतों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा जनसंख्या के डाटा को भी शामिल करे। विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के फील्ड के अनुभवों और सुझावों को भी इंडीकेटर में शामिल करें। निर्धारित टाइमलाइन के अनुरूप कार्यो को पूर्ण करें।

बैठक में प्रमुख सचिव R मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नियोजन श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक (सेतु आयोग) मनोज पंत उपस्थित थे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button