
Chetan Gurung
Dakra बाजार की Life Line और बारिश में ध्वस्त हवा घर Road के पुनर्निर्माण पर फिर फच्चर फँसता नजर आ रहा। Cantt Board ने दी गई NoCs का हवाला देते हुए इसका निर्माण कराने का पत्र आज आपदा महकमे को भेजते हुए अपने फर्ज से पूरी तरह हाथ खींच लिया। उसने इस मामले में देरी होने पर बोर्ड-सरकार की प्रतिष्ठा पर अंगुली का भी मुद्दा उठाया। इस पत्र से ये भी साफ हो गया कि GoC (उत्तराखंड) और बोर्ड प्रशासन की राय जुदा-जुदा सी है। सचिव (आपदा) विनोद कुमार सुमन ने साफ कहा कि जो संपत्ति राज्य सरकार के नहीं है, उस पर वह कोई निर्माण या Repair Work कराने के लिए अधिकृत नहीं है। संपत्ति राज्य सरकार को Transfer हो तो ही वह निर्माण करा सकता है। इस मुद्दे पर कारोबारियों ने कल (3 जनवरी) को चक्का जाम करने का Ultimatum दिया है।
GoC (मेजर जनरल रैंक) और Sub Area Commander ने सचिव (आपदा) को भेजे जवाब में ये कहा था कि ध्वस्त Road की मरम्मत की कार्यवाही चल रही। अब अचानक Board की तरफ से ये चिट्ठी सचिव (आपदा) को भेजी गई है कि पूर्व में भी उसने साल-2011 और साल-2019 में NoC दी थी। तब भी राज्य सरकार ने बिनौला नाला (गढ़ी-Post Office के करीब) पुल और फिर बीरपुर-घंगोड़ा मार्ग पर ध्वस्त पुल का निर्माण कराया था। डाकरा-हवा घर Road की भी NoC दी जा चुकी है। लोग देरी होने से नाराज हैं।आन्दोलैन कर रहे। चक्का जाम की धमकी भी दी है। निर्माण कार्य जल्दी कराएं।
ये चिट्ठी DM (देहरादून) और सचिव (आपदा) के यहाँ पहुंची है। सचिव ने www.chetangurungg.in से साफ कहा कि आपदा महकमा सिर्फ राज्य सरकार की संपत्ति को नुक्सान पहुँचने पर उसकी मरम्मत या बचाव का कार्य कर सकता है। जो संपत्ति राज्य सरकार की है ही नहीं, उस पर वह किसी भी किस्म का कार्य नहीं कर सकता है। अगर बोर्ड संपत्ति का हस्तांतरण राज्य सरकार को करे, तो आपदा महकमा ध्वस्त रोड को दुरुस्त करेगा। ये पूरी तरह सैन्य और छावनी प्रशासन का मामला है। उसी को ये देखना होगा।
राज्य सरकार ने Board के Fund की दिक्कत को दूर करने के लिए 1 करोड़ रुपये दे के उस पैसे का इस्तेमाल ध्वस्त मार्ग के निर्माण में करने की पेशकश की है। इससे जुड़ी फाइल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दस्तखत कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में राज्य सरकार मुख्यमंत्री के दस्तखत से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजने की तैयारी चल रही।