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शाबास Uttarakhand Police!! Gang Leader समेत MDMA Drugs Factory पकड़ी:देवभूमि से नेपाल-मुंबई तक Network का भंडाफोड़:अवैध Chemicals की बड़ी खेप बरामद:DGP दीपम का Police Team को 1 लाख के ईनाम का ऐलान:CM पुष्कर का Drugs Mafia साम्राज्य को तबाह करने की हिदायत

Chetan Gurung

STF की Wing Anti Narcotics Task Force ने CM पुष्कर सिंह धामी की Drugs के खिलाफ जंग अभियान पर चलते हुए उधम सिंह नगर के नानकमत्ता में Joint Operation में साहनी नर्सरी तिराहे से MDMA Drugs के बड़े माफिया और Gang Leader कुनाल राम कोहली को Drugs तैयार करने वाले अवैध Chemicals की बड़ी खेप के साथ Arrest कर बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की। DGP दीपम सेठ ने इस Operation को अंजाम देने और Drug Factory को पकड़ने वाली Police Party को एक लाख रूपये का ईनाम देने का ऐलान किया।

Drugs Free Uttarkhand के लिए पुलिस को खुली छूट-CM Pushkar Singh Dhami

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प्रतिबंधित Drug में इस्तेमाल होने वाले कच्चा माल (प्रिकर्सर केमिकल) लगभग 126 ली और 28 किलो पाउडर फार्म व 7.41 ग्राम MDMA छापे में बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक इनकी कीमत करोड़ों रूपये में आँकी जा सकती है। नानकमत्ता थाना में मुअस 142/2025 धारा 21/22/8 NDPC Act Registered कर लिया गया है। CM PSD ने राज्य को Drugs Free करने और इसके माफिया के साम्राज्य को तबाह करने के सख्त निर्देश पुलिस को दिए हैं।

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DGP Deepam Seth during the Press Conference in Dehradun


पुलिस महानिदेशक दीपम ने Press Conference में कहा बरामद Raw Materials  को NDPS ACT के अर्न्तगत् प्रतिबन्धित केमिकल्स की श्रेणी में शामिल किया हुआ है। बिना वैध लाईसेन्स के इसकी खरीद-फरोख्त और लाना-ले जाना गैर कानूनी है। STF के SSP नवनीत भुल्लर के अनुसार उनकी ANTF (kamayun Wing) के साथ पिथौरागढ़, चम्पावत एवं उद्यमसिंह नगर की पुलिस ने मिल के कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस के मुताबिक महाराष्ट्र के ठाणे में 31 मई 2025 को 2 लोगों को 11 ग्राम MDMA सहित गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया गया कि उत्तराखण्ड-नेपाल सीमा से पिथौरागढ़ के थल क्षेत्र में मोनू गुप्ता एवं कुनाल कोहली ने MDMA की Factory खोली है। वहाँ तैयार प्रतिबंधित माल मुम्बई समेत अलग-अलग राज्यों में गुपचुप ढंग से भेजा जाता है।

26 जून को ठाणे पुलिस ने थाना थल (पिथौरागढ़) पुलिस के साथ एक पॉल्ट्री फार्म पर छापा मारकर प्रिकर्सर केमिकल्स बरामद किया। तब किसी अभियुक्त की गिरप्तारी नहीं हो पाई थी।  जून के अन्तिम सप्ताह में ठाणे पुलिस ने पलीया (Nepal Border) से मोनू गुप्ता को दो साथियों भीम यादव व अमन कोहली के साथ गिरफ्तार किया। कुनाल कोहली अपने  साथी राहुल और विक्रम के साथ नेपाल फरार हो गया था।

11 जुलाई को चम्पावत पुलिस ने राहुल की पत्नी ईशा को 5 किग्रा 688 ग्राम MDMA के साथ गिरफ्तार किया गया। राहुल को भी चम्पावत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्तों के मुताबिक बनारस, गाजियाबाद (UP) ठाणे की कम्पनियों से अवैध रूप से Raw Materials लाया जाता था।  थल थाना क्षेत्र में मुर्गी फार्म की आड़ में MDMA तैयार किया जाता था। STF लगातार एन्टी नारकोटिक्स ब्यूरो, नेपाल पुलिस के सम्पर्क में थी। आपस में तकनीकी एवं अन्य अहम सूचनाएँ लगातार साझा की जा रही थीं।  14 जुलाई मुख्य अभियुक्त कुनाल कोहली भी STF-नानकमत्ता पुलिस टीम संयुक्त अभियान में दबोच डाला गया।

DGP के मुताबिक कुनाल कोहली के खिलाफ कई शहरों-राज्यों में NDPS Act में मुकदमे दर्ज हैं। वह Wanted और फरार था। जितना नशे का माल पकड़ा गया,उसकी कीमत International Market में लगभग 12 करोड़ रूपये है। अभियुक्त के मुताबिक नाला सुपारा, मुम्बई में रहनें वाले भीम यादव, मोनू उर्फ ओम गुप्ता, बल्ली राम गुप्ता, नवीन नेपाली से मुलाकात मुम्बई में हुई थी। इन लोगों को अपने साथ फरारी काटने के लिए टनकपुर गैंडा खाली अपने घर ले आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात टनकपुर में नरेश शकरी व रोशन कोहली से हुयी। नरेश का घर गैंडाखाली में एकान्त में था। सभी ने आपस में योजना बनाई कि वहाँ पर MDMA ड्रग्स को बनाया जाए।

मोनू गुप्ता पहले बनारस में ड्रग्स बनाने की फैक्टी लगा चुका था। वहाँ UP Police ने छापा मार दिया था। पिछले वर्ष जून-जुलाई से सभी अभियुक्त मौजूदा जगह रह रहे थे। यहीं पर पहली बार उसने Drugs बनाने के लिए बनारस से रसायन मंगाया था।  जब 3-4 KG माल तैयार हो जाता था तो बल्ली राम गुप्ता माल को लेकर मुम्बई जाता था। एक बार जब बल्ली मुम्बई माल लेकर गया था तो उसको मुम्बई पुलिस ने पकड़ लिया था। इसकी सूचना मिलते ही गैंडाखाली से फैक्ट्री हटा ली थी।

मुलजिम के मुताबिक इसके बाद पिथौरागढ़ के थल से आगे सुवालेख में एक फार्म किराये पर लेकर मुर्गी फार्म खोला जो काफी सुरक्षित लगा था। Farm की आड़ में MDMA बनाने लगे। करीब 5.6 KG Drugs तैयार किया था। इसको मुख्य अभियुक्त और मोनु गुप्ता, भीम यादव, राहुल अपने साथ बनबसा ले आए थे।  माल को राहुल के घर पर छुपा दिया था। बल्ली के जेल चले जाने से इस माल को बेचने के लिये सही पार्टी की तलाश की जा रही थी।

27 जून को जब पिथौरागढ़ फैक्ट्री पर मुम्बई पुलिस के छापे में सारा माल-उपकरण पकड़ लिए जाने पर सभी ने बनबसा के रास्ते अलग-अलग गाड़ियों से नेपाल भागने का Plan बनाया। कुणाल तथा राहुल नेपाल चले गए। मोनू, भीम व अमर पलिया बार्डर के रास्ते नेपाल जाने वाले थे। वे भी Border पर मुम्बई पुलिस के हाथों दबोच लिए गए। 12 जुलाई को जब बनबसा पुलिस ने राहुल की पत्नी को गिरफ्तार कर MDMA बरामद किया तब सभी डर गए।

अभियुक्तों के मुताबिक उनको पता चला था कि उनका भी नाम पुलिस के पास है तो सभी बनबसा लौट आए। गैंडाखाली वाला जो रसायन बचा हुआ था, उसको चम्पावत से नानकमत्ता बांध के पास एक खाली कमरे में रख दिया था। राहुल के भी पकड़े जाने के बाद मुख्य सरगना रसायन को Dam में फेंकने नानकमत्ता आया तो ताक में बैठी पुलिस के हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस महानिदेशक दीपम ने कहा कि आरोपी जहां से MDMA के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन मंगा रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। DGP ने कहा कि CM पुष्कर सिंह धामी के ‘Drugs Free Uttarakhand’ अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध धंधों से कमाए जा रहे पैसों से

अर्जित संपत्तियों को जब्त (attached) किया जा रहा है। PIT-NDPS एक्ट के अंतर्गत अपराधियों को लंबे समय तक जेल में रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। राज्य में ऐसी 44 Units Identify की गई हैं, जो प्रीकर्सर केमिकल्स का प्रयोग कर रही हैं। Schedule-H Drugs से जुड़े फार्मास्यूटिकल इकाइयों (172 हैं) की जांच की जा रही है। ये ड्रग्स केवल चिकित्सकीय पर्ची पर दी जा सकती है।  इनका दुरुपयोग भी ड्रग्स के रूप में हो रहा है। SHO/SO एवं ड्रग्स निरीक्षकों की संयुक्त टीमें इन इकाइयों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं।

हर थाने को ड्रग डिटेक्शन किट दे दी गई है।

 

 

 

 

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