
Chetan Gurung
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष-2030 तक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगी। इसके लिए वह दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। राज्य में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने और सुरक्षित व न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। Economy और Ecology में संतुलन के लिए त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति की शुरुआत की गई है।


शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के दौरान मुख्यमंत्री PSD ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश और उसके साथ उत्तराखंड साल-2047 तक विकसित भारत के लिए जी-जान से जुटा हुआ है। राज्य में गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर आया है। राज्य में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सतत कृषि और जल संसाधन प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां हैं। टाटा ट्रस्ट के सहयोग से राज्य में जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में समग्र और सतत विकास को सशक्त किया जा रहा है।
नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, पायथन, जनरेटिव एआई, कौशल विकास एवं स्वरोजगार क्षेत्रों में युवाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, दून विश्वविद्यालय की VC प्रो. सुरेखा डंगवाल,IASSI के अध्यक्ष एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रो.RP ममगांई, प्रो.IC अवस्थी, प्रो. अलख शर्मा एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के वार्षिक अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में सामाजिक कल्याण, अर्थशास्त्र, रोजगार, उद्योग, कृषि, तकनीकी, पर्यावरण और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश-विदेश के प्रख्यात विद्वान विचार-विमर्श करेंगे।



