
Chetan Gurung
देहरादून: प्रमुख सचिव (CM-वित्त,वन एवं पर्यावरण) रमेश कुमार सुधांशु की सदारत में राज्य वन विकास अभिकरण की 7वीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की सचिवालय में बुलाई गई बैठक में राज्य में ग्रीन इण्डिया मिशन (GIM) योजना के अगले पांच वर्षों (वर्ष 2031 तक) के पर्सपेक्टिव प्लान पर व्यापक मंथन हुआ और इससे मुताल्लिक अफसरों को जरूरी हिदायतें दी गईं। Green India Mission में रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक प्रमुखता देने पर बल दिया।

प्रमुख सचिव Rk सुधांशु

प्रमुख सचिव RKS ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में एक विस्तृत कार्ययोजना जल्द प्रस्तुत की जाए। वन पंचायतों में भी ‘सी-बकथोर्न’ का पौधरोपण करने और आजीविका संवर्धन से जुड़े विषयों पर जल्द ही एक और बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बगाया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण (SFDA) के अंतर्गत वर्तमान में ग्रीन इण्डिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। SFDA का नवीनीकरण वर्ष 2031 तक के लिए किया गया है। मिशन के तहत 3 Sub-Mission में कार्य किए जाने हैं। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए 559.16 करोड़ रुपये की वित्तीय आवश्यकता है।
छठी कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश के सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें नियमित रूप से हो रही हैं। सफल पौधरोपण को लेकर नोडल अधिकारियों के महत्वपूर्ण सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) को भेज दिए गए हैं। बैठक में यह भी साझा किया गया कि ग्रीन इण्डिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 एवं मई 2026 में 31.45 करोड़ रुपये की वार्षिक परिचालन योजना (APO) केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है।
जैसे ही यह धनराशि स्वीकृत और अवमुक्त होगी, स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर जमीनी कार्य शुरू किए जाएंगे। इस HLM (उच्चस्तरीय बैठक) में PCCF (HofF) कपिल लाल, PCCF (Wildlife) नीना ग्रेवाल, APCCF (Project) विवेक पांडेय, APCCF एवं नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव नवनीत पांडेय और विक्रम सिंह यादव समेत अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।



