अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर गरम हुआ तो सामने आए ADGP मुरुगेशन:कहा,`24 घंटे के भीतर सभी तीनों अपराधी जेल में डाल दिए गए थे’

Chetan Gurung
देहरादून: अंकिता भण्डारी हत्या का मामला एक बार फिर उछाल मारने पर उत्तराखंड पुलिस को आज सफाई देने और अपना पक्ष रखने के लिए सामने आना पड़ा। PHQ में ADGP (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ.V मुरुगेशन ने पत्रकारों को न्यौता दे के बुलाया और बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और अब तक हुई न्यायिक कार्रवाई के बाबत पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने फिर साफ किया कि वर्ष- 2022 में ऋषिकेश के समीप वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना के तुरंत बाद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों मुख्य अभियुक्तों को दबोच लिया था। तीनों आज जेल में उम्र कैद काट रहे हैं।
अंकिता भण्डारी कांड उत्तराखंड के BJP प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद फिर उछल गया है। अंकिता के माता-पिता दिल्ली में धरने पर बैठे। मुद्दे की तलाश बेचैनी से कर रही Congress ने इसको हाथों हाथ लिया। उसने आज राज भवन (लोकभवन) कूच भी किया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
SIT की कमान DIG Rank की महिला IPS अधिकारी को सौंपी गई थी। SIT ने मामले की जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों का संकलन करने के साथ-साथ अभियुक्तों से पूछताछ और गवाहों के बयानों का बारीकी से विश्लेषण किया। 88 दिनों के भीतर लगभग 500 पृष्ठों का मजबूत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया था।
ADG डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले की त्वरित सुनवाई और मजबूत पैरवी के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए गए। SIT के जुटाए गए ठोस सबूतों और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी का ही परिणाम रहा कि 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। मुरुगेशन ने कहा कि वर्तमान में तीनों दोषी जेल में बंद हैं और अपनी सजा काट रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में न्याय सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



