
Chetan Gurung
देहरादून: DGP दीपम सेठ ने भारत दर्शन कार्यक्रम में आए North Eastern Police Academy (NEPA) के Trainees से कहा कि पुलिस सेवा नौकरी भर या दायित्व न हो कर राष्ट्र और समाज की सुरक्षा व सेवा का एक सशक्त-ठोस जरिया है। एक अधिकारी को कानून के ज्ञान, अनुशासन और निष्ठा के साथ-साथ आम जनता के प्रति अत्यंत संवेदनशील और विनम्र होना चाहिए। वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों से निपटने और साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस बल का तकनीकी रूप से अपडेट रहना अनिवार्य है।




उम्साव (मेघालय) से ‘भारत दर्शन’ शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड आए 22 प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों के दल ने देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। इस दल में 1 पुलिस उपाधीक्षक (Dy SP) और 21 उपनिरीक्षक व सहायक उपनिरीक्षक (SI/ASI) शामिल रहे।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने देवभूमि पुलिस की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया। चार धाम यात्रा नियंत्रण कक्ष में CCTV और ड्रोन आधारित आधुनिक भीड़ व यातायात प्रबंधन को देखा-समझा। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में साइबर अपराध जांच और हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को समझा।
प्रशिक्षुओं ने राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों, कोतवाली नगर और SDRF मुख्यालय में चीता पुलिसिंग, CCTNS, ‘गौरा शक्ति’ मॉड्यूल और आपदा प्रबंधन अभियानों की जानकारी ली। हरिद्वार कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा कर कुंभ व कांवड़ मेला सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और खोया-पाया व्यवस्था की बारीकियों को समझा। NEPA के उप सहायक निदेशक पवन कुमार शर्मा ने अकादमी के प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन पर DGP दीपम ने NEPA के उप सहायक निदेशक और सभी प्रशिक्षुओं को स्मृति चिह्न प्रदान किए। इस दौरान ADG (प्रशासन) अजय प्रकाश अंशुमन, IG कृष्ण कुमार VK, IG सुनील कुमार मीणा और IG बरिन्दरजीत सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



