
Chetan Gurung
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो ही जमीन बचेगी और जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी। पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने `खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत करते हुए आज रुद्रपुर (उधम सिंह नगर) में किसानों से कहा कि वे मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ज़ोर दें। ये ख्याल रखें कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है। इसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है।




उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उत्ताराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने गांधी मैदान पर घोषणा की कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन के लिए मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य के लिए ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ दिए जाएंगे। किसानों को मौसम की सटीक जानकारी इससे समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। “खेत बचाओ अभियान” आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है। PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।
मंत्री गणेश जोशी ने किसानों को घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, सचिव डॉ.SN पांडे, DM नितिन सिंह भदौरिया, SSP अजय गणपति, CDO दिवेश शासनी, ADM कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय उपस्थित रहे।



